मिस वर्ल्ड 2017 का खिताब जीतकर देश का नाम विश्व पटल पर चमकाने वाली मानुषी छिल्लर का पुश्तैनी घर देखिए, यहां वे पैदा हुईं और पली बढ़ी।
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मानुषी छिल्लर का पुश्तैनी घर
मानुषी का परिवार मूल रूप से बहादुरगढ़ के बामनौली गांव का है। मानुषी के परिवार का गांव में एक घर आज भी है, जो सालों से बंद पड़ा है। वहीं गांव की मुख्य सड़क पर उनके पुरखों द्वारा बनवाया गया एक मंदिर भी है। करीब 15-20 साल पहले मानुषी के परिवार ने नौकरी पेशे के चक्कर में गांव छोड़ दिया था और दिल्ली जाकर बस गए थे। मानुषी का परिवार काफी समय तक रोहतक की कमल कॉलोनी में रहा।
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मानुषी छिल्लर का पुश्तैनी घर
अब रोहतक में मानुषी के नाना नानी ही रहते हैं। मानुषी के चाचा और बुआ भी कमल कालोनी में रहते हैं। मानुषी के चाचा डॉ. दिनेश छिल्लर गोहाना के नागरिक अस्पताल में डॉक्टर हैं तो चाची डॉ. ऊषा कटारिया महिला मेडिकल कॉलेज के स्किन डिपार्टमेंट की एचओडी हैं। बड़ी बुआ डॉ. राधिका प्रोफेसर हैं। वे जाट कॉलेज से रिटायर्ड हैं।
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मानुषी छिल्लर का पुश्तैनी घर
मानुषी के पिता डॉ. मित्रबसु सेंट्रल गर्वमेंट के डीआरडीओ विभाग में मेडिकल ऑफिसर है और माता डॉ. नीलम दिल्ली के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। इन्होंने रोहतक के ही पीजीआईएमएस कॉलेज से डॉक्टरी की। फिर दोनों ने ही एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में चुना। मानुषी छिल्लर तीन भाई-बहन हैं। मानुषी की बड़ी बहन दिवांगना छिल्लर एलएलबी कर रही हैं और भाई 9वीं क्लास में है।
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manushi chhillar
- फोटो : facebook
मानुषी की शुरुआती पढ़ाई बंगलौर और दिल्ली में हुई। मानुषी ने दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल और सोनीपत के भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर वूमेन से पढ़ाई की है। मानुषी पीजीआई एमएस रोहतक से पासआउट हैं। मानुषी पेंटिंग और कुचीपुड़ी नृत्य में भी बहुत अच्छी हैं। बैले डांस उसका पसंदीदा है। इसके अलावा पेट्स और स्टडी से भी बहुत प्यार है, इसलिए हमेशा टॉपर रही है।
मानुषी छिल्लर ने कहा कि मुझे लगता है कि हर महिला को जागरूक बनाना जरूरी है। इसलिए मेरा ध्यान महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ज्यादा है। मैंने ‘शक्ति परियोजना’ नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके जरिए महिला को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है। वह 20 से ज्यादा गांवों का दौरा करके 5000 महिलाओं का जीवन बदल चुकी है।