माता मनसा देवी मंदिर की तैयारियों पर प्रशासन के दावे नवमी के दिन पूरी तरह से खोखले साबित हुए। चैत्र नवरात्र में दूर-दूर से आए मां के भक्तों को उनके दर्शन के लिए चार से पांच घंटे तक धूप में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। मंदिर प्रशासन ने जो टेंट श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए लगाए थे वह नवरात्र के दूसरे दिन ही फटने शुरू हो गए थे।
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माता मनसा देवी, पंचकूला
- फोटो : amar ujala
कई जगह तो टेंट भी नहीं लगे थे। वहीं श्रद्धालुओं की कतार इतनी धीमी गति से बढ़ रही थी कि लोग जमीन पर बैठने को मजबूर हो गए। श्रद्धालुओं का आरोप है वालंटियर्स और पुलिसकर्मी सिर्फ दिखावा साबित हुए। लोग उनके सामने ही कतार में घुस रहे थे। लेकिन उन्हें किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की।
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माता मनसा देवी, पंचकूला
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माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड ने नवरात्र उत्सव की तैयारियां एक महीने पहले से शुरू कर दी थीं। बस से लेकर प्रसाद तक की व्यवस्था पर विस्तार से बातचीत और योजना बनाई गई। लेकिन श्रद्धालुओं के दर्शन पर कोई विचार नहीं किया गया। पिछले तीन चार सालों से ऐसी दिक्कत देखने को मिल रही है। मां के दर्शन के लिए प्रशासन की ओर से दो कतारें बनाई गईं थीं। दोनों कतारें अस्थायी बस स्टैंड तक थीं। सुबह आठ बजे लाइन में लगे श्रद्धालु को 12 बजे तक दर्शन नहीं हुए।
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माता मनसा देवी, पंचकूला
- फोटो : amar ujala
मोहन, मोहाली ने बताया कि मैं सुबह सात बजे से लाइन में लगा हूं। अब दस बज रहे हैं और दर्शन नहीं हो सके हैं। अभी आधे घंटे और लग जाएंगे। कालका से आई मीनाक्षी ने बताया कि तीन घंटे से मां के दर्शन के लिए लाइन में खड़ी हूं। खड़े-खड़े पैर में दर्द शुरू हो गया है। दर्शन के लिए अभी समय और लगेगा।
वहीं लुधियाना से आई पुष्पा ने बताया कि सुबह से लाइन में लगी हूं। प्रशासन की ओर से पता नहीं कैसी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए लगाए गए सारे टेंट फट गए हैं। अब श्रद्धालुओं को धूप में खड़ा होना पड़ रहा है। चंडीगढ़ की सुनीता ने बताया कि बीच बीच में लाइन में लोग घुस रहे हैं, लेकिन मंदिर वालंटियर्स और पुलिसकर्मी कुर्सी डटाए बैठे हैं। उन्हें लोगों की परेशानी नहीं दिखती। बोलने पर कहते हैं कि आज लास्ट दिन है।