सरहद की हिफाजत करते हुए शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के जवान सुशील कुमार को नम आंखों से मंगलवार को अंतिम विदाई दे दी गई। अंतिम यात्रा में हजारों की तादाद में लोग पहुंचे। लोगों ने वीर शहीद की अंतिम यात्रा पर फूलों की वर्षा करके विदाई दी गई।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही सुशील कुमार के दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार की ओर से वहन करने की घोषणा की गई है। मुक्तिधाम में पूरे सैनिक सम्मान के साथ सुशील कुमार की अंतिम क्रिया की गई।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
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रविवार की रात को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में पिहोवा की फैंसी कॉलोनी निवासी बीएसएफ के हेडकांस्टेबल सुशील कुमार शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर सेना के जवान सोमवार को दिल्ली लेकर आ गए थे। सुबह करीब साढ़े सात बजे पिहोवा स्थित सुशील के घर उनका पार्थिव शरीर पहुंचा। यहां सुबह से ही पिहोवा के सैकड़ों लोग श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद थे। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही सुशील के घर में लोगों का विलाप शुरू हो गया। उसकी पत्नी सुनिता देवी, मां सोमा देवी और बेटा मोहित और बेटी महक सहित अन्य को संभालना मुश्किल हो रहा था।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
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पुष्पचक्र चढ़ाकर दी श्रद्धांजलि- राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने मंगलवार को पिहोवा में शहीद सुशील कुमार के पार्थिव शरीर पर राज्य सरकार और अपनी ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया। मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, विधायक डॉ. पवन सैनी, विधायक जसविंद्र सिंह संधू, डीसी सुमेधा कटारिया, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, एसडीएम अजय चोपड़ा, डीएसपी शीतल कुमार सहित हजारों लोगों ने शहीद सुशील कुमार के परिजनों को नमन कर परिजनों को सांत्वना दी।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
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राज्य सरकार देगी 50 लाख रुपये - राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने राज्य सरकार की तरफ से शहीद सुशील कुमार के परिवार को 50 लाख रुपये और शहीद के बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने की घोषणा भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को पहले अनुग्रह राशि के रूप 20 लाख रुपये दिये जाते थे, अब जो भी जवान शहीद होगा उसको राज्य सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। राज्यमंत्री ने कहा कि शहीद सुशील कुमार के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार की तरफ से वहन किया जाएगा और परिवार के सभी सदस्यों की देखभाल भी सरकार करना सुनिश्चित किया जाएगा।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
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बंद रहा पिहोवा- पिहोवा के व्यापारियों ने सुशील कुमार की शहादत के बाद सोमवार को निर्णय लिया था कि जब तक शहीद का अंतिम संस्कार नहीं होगा तब तक शहर की दुकानें नहीं खुलेंगी। अंतिम संस्कार के बाद ही शहर की दुकानें खोली गईं। अंतिम यात्रा के दौरान लोग अपनी छतों से फूलों की वर्षा करने लगे। स्वर्गधाम में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बिगुल बजाया और हवाई फायर किए । दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा
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बेटे मोहित ने मुखाग्नि - शहीद सुशील के पार्थिव शरीर को उनके पुत्र मोहित ने परंपरा के अनुसार मुखाग्नि दी। इसके साथ ही स्वर्गधाम हजारों लोगों ने शहीद सुशील कुमार अमर रहे के नारे लगाए। राज्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए सुशील कुमार ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। शहीद सुशील कुमार हमेशा प्रदेश वासियों के दिलों में जिंदा रहेंगे। एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने कहा कि पिहोवा वासियों को शहीद सुशील कुमार की शहादत पर गर्व है। इससे बड़ा गर्व उनके परिजनों पर है जिन्होंने ऐसे लाल को जन्म दिया, जिस लाल ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा करने का काम किया।
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एलओसी पर फायरिंग में शहीद हुआ बीएसएफ जवान सुशील कुमार
विधायक जसविंद्र सिंह संधू ने भी शहीद सुशील कुमार को नमन करते हुए कहा कि पिहोवा निवासी शहीद की शहादत को हमेशा अपने जहन में रखेंगे। डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि फैंसी कॉलोनी में रहने वाला सीमा सुरक्षा बल का जवान जम्मू कश्मीर के आरएस पुरा में सीमा की रक्षा करते हुए दुश्मनों की गोली से घायल हो गया था। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। शहीद सुशील कुमार ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की परवाह नहीं की।
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एलओसी पर फायरिंग में शहीद हुआ बीएसएफ जवान सुशील कुमार
प्रशासन की तरफ से शहीद सुशील कुमार को हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। शहीद सुशील कुमार के भाई संजय कुमार ने बताया कि उनका भाई जम्मू कश्मीर के आरएस पुरा में सीमा सुरक्षा बल की 127वीं बटालियन में हेड कांस्टेबल के रूप में तैनात था। 23 अक्टूबर की रात सीमा पर हुई फायरिंग में घायल होने के बाद उसकी अस्पताल ले जाते हुए मौत हो गई थी।
एलओसी पर फायरिंग में शहीद हुआ बीएसएफ जवान सुशील कुमार
लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे- सुशील का शव पिहोवा पहुंचने के बाद शहर के हर एक बाशिंदे की आंख नम थी। साथ ही पाकिस्तान के प्रति नफरत और गुस्सा भी था। लोगों ने मुक्तिधाम में भी और शहर के विभिन्न चौराहों पर भी पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही पाकिस्तान का झंडा जलाया कर अपना गुस्सा जाहिर किया। जब सुशील कुमार के पार्थिव शरीर को मुखाग्रि दी गई तब भी लोगों ने शहीद सुशील कुमार अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए गए।