पाकिस्तान से लोहा लेते शहीद हुए सतनाम सिंह को उनके 5 साल के बेटे ने अंतिम विदाई दी। वहां माहौल ऐसा था कि सभी फूट-फूट कर रोए। तस्वीरें
विज्ञापन
2 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
अमृतसर के तरनतारन जिले के गांव भूसे के रहने वाले हवलदार सतनाम सिंह 17 सिख रेजीमैंट में जे एंड के कुपवाड़ा क्षेत्र में तैनात थे।
विज्ञापन
3 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
बुधवार की रात को दुश्मनों से लोहा लेते हुए वह शहीद हो गए। शुक्रवार को गांव में अंतिम संस्कार के दौरान उनकी बेटी को संभलाना मुश्किल हो गया।
4 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
वहीं, शहीद की पत्नी ने कहा कि मोदी जी आखिर कब शहीदों का बदला पाकिस्तान से लेंगे।
विज्ञापन
5 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
रोते हुए भरे गले से शहीद की पत्नी बलजीत कौर ने कहा कि मोदी जी आखिर कब शहीदों का बदला लेंगे।
विज्ञापन
6 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
बलजीत कौर ने कहा कि पाकिस्तान की नापाक हरकतो से आए दिन ही हमारे जवान मारे जा रहे है। पाक की गोली का शिकार उसका पति भी हो गया।
विज्ञापन
7 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से 6 नवंबर शनिवार की देर रात को भी घुसपैठियों ने फायरिंग की थी। जिसमें जिला तरनतारन के गांव वराणा निवासी सैनिक गुरसेवक सिंह शहीद हो गए थे।
8 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद सतनाम सिंह को सेना के परिजनों ने राष्ट्रीय सम्मान देकर श्रद्धाजंलि अर्पित की। वहीं, उनके अतिंम दर्शनों के लिए लोगों का भारी हजूम इकट्ठा हो गया।
9 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद के बेटे रोबनप्रीत सिंह (5) ने पिता की चिखा को मुखग्नि दी। यह दृश्य देख सभी की आंखे नम हो गई।
10 of 11
शहीद सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद सतनाम सिंह की पत्नी बलजीत कौर को सूबेदार का फोन आया। पहले तो वह उनका पता पूछने लगे और बाद में उन्होंने बताया कि उनके पति शहीद हो गए है। इसके बाद घर व गांव में मात्म छा गया। सूचना मिलने पर पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था।
जबकि शहीद का एक पांच साल का बेटा रोबनप्रीत सिंह व नौ साल की बेटी जशनदीप कौर है। जो शहीद सतनाम सिंह का घर आने का इंतजार कर रहे थे। बजुर्ग माता-पिता के अलावा, एक भाई और तीन बहने है। जिनकी शादी हो चुकी है।