देश के लिए लड़ते हुए जवान शहीद हो गया। शहादत के 3 महीने बाद भी जवान का परिवार घोषित मुआवजे के लिए दर-दर भटकता रहा। सीएम से लेकर पीएमओ तक फरीयाद लगाने के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने उनकी सुध ले ही ली।
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बात हो रही है, 28 अक्टूबर 2016 को जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए सिपाही मनदीप सिंह की। जिनके परिवार ने मिलने वाले मुआवजे में हो रही देरी को लेकर पीएमओ से मदद मांगी, तब जाकर उनकी फरियाद सुनी गई।
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शहीद मंदीप के परिजनों को मिली 50 लाख की आर्थिक सहायता
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को विधायक डॉ. पवन सैनी, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, बीडीपीओ कवंरभान नरवाल गांव अंटेड़ी में शहीद के परिजनों के पास पहुंचे। जहां शहीद मनदीप सिंह की मां निर्मला को 12.50 लाख, पिता फूलसिंह के नाम मां निर्मला को 12.50 लाख तथा पत्नी प्रेरणा को 25 लाख का चैक सौंपा और शहीद मनदीप सिंह के चित्र पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर अन्य नेताओं द्वारा गांव अंटेड़ी निवासी शहीद मंदीप के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने सहित कई घोषणाएं की थीं।
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शहीद मंदीप के परिजनों को मिली 50 लाख की आर्थिक सहायता
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया में मुद्दा उछलने के बाद एकाएक ही विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी उनके पास पहुंच गए और सभी घोषणाएं जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि सरकार, शहीदों के परिजनों के प्रति पूरी तरह समर्पित है। इसलिए राज्य सरकार में शहीद के परिजनों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को 10 लाख से बढ़ा कर 50 लाख रुपये करने का काम किया है।
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- फोटो : फाइल फोटो
इतना ही नहीं नियमानुसार शहीद के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का काम भी सरकार कर रही है। विधायक ने कहा कि कुरुक्षेत्र के बहादुर बेटे मंदीप को हमेशा याद रखा जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से शहीद के परिजनों को हर संभव सहायता की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहीद मंदीप सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपये की राशि देने के साथ- साथ निमयानुसार परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और शहीद के नाम से गांव में एक स्मारक बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दस्तावेज पूरा होने के तुरंत बाद 50 लाख रुपये की सहायता राशि देने का काम किया है।
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शहीद मनदीप सिंह
- फोटो : File Photo
शहीद के भाई संदीप सिंह को नौकरी देने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायत ने शहीद के नाम से एक स्मारक और पार्क बनाने के लिए आधा एकड़ जमीन देने का काम किया है। इस जमीन पर शीघ्र ही शहीद मंदीप सिंह की याद में एक पार्क और प्रतिमा के साथ स्मारक बनाया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके। डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि शहीद मंदीप सिंह के नाम पर सड़क का नामकरण पहले से कर दिया है और शहीद के नाम से गांव मथाना से गांव अंटेड़ी के प्रवेश द्वार पर गेट भी बनाया जाएगा। इन तमाम कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं।
छलक आए मां निर्मला के आसूं
जैसे ही विधायक व प्रशासनिक अधिकारी शहीद मंदीप के परिजनों के पास सहायता राशि देने के लिए पहुंचे तो मंदीप की मां निर्मला के आसूं छलक आए। पूरा परिवार भावुक हो उठा। वहीं इस दौरान शहीद की पत्नी प्रेरणा ने राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा सहायता राशि व श्रदाजंलि देने के लिए गांव में पहुंचने पर परिजनों की तरफ से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक शहीद के परिजनों को सहयोग करने का काम कर रही है।