हरियाणा पुलिस के जांबाज जवान का पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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जांबाज जवान शहीद, अंतिम संस्कार पर आंखें नम
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एएसआई शहीद कुलदीप सिंह का शनिवार को उनके पैतृक गांव गामड़ी अमुपुर (रामगढ़) में हजारों नम आंखों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के पिपली नाके पर मुठभेड़ में उनकी मृत्यु हो गई थी।
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जांबाज जवान शहीद, अंतिम संस्कार पर आंखें नम
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हरियाणा पुलिस अंबाला रेंज के आईजी, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला के एसपी, दर्जनों डीएसपी, सैकड़ों पुलिस के अन्य अधिकारी, कर्मचारियों और ग्रामीण, तहसीलदार नवजोत कौर, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी की उपस्थित में शहीद के पुत्र उद्यम सिंह ने पिता शहीद कुलदीप सिंह को मुखाग्नि दी।
जांबाज जवान शहीद, अंतिम संस्कार पर आंखें नम
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अंतिम संस्कार पर कुलदीप सिंह की बहादुरी की दास्तान को याद करते हुए जहां ग्रामीणों की आंखें छलक रही थीं, वहीं उन्हें इस सपूत पर अपने कर्त्तव्यों को ईमानदारी से पूरा करने पर नाज भी था।
हरियाणा पुलिस द्वारा इस जांबाज जवान को शहीद का दर्जा दिया गया। एसपी कुरुक्षेत्र सिमरदीप सिंह ने बताया कि 40 वर्षीय शहीद कुलदीप सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। उनकी ईमानदारी, निष्ठा और बहादुरी के कारण ही हरियाणा पुलिस द्वारा उन्हें 25 वर्ष की ड्यूटी के दौरान करीब 105 प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।