एक अप्रैल 2018 से आपकी जिंदगी में बहुत कुछ बदलने वाला है। आज ही जान लीजिए, ताकि प्लानिंग कर सकें, फायदा आपका ही होगा।
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income tax
बजट 2018 में सरकार ने ई-रेलवे टिकट पर सर्विस टैक्स घटा दिया है, जिसकी वजह से अप्रैल 2018 से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सस्ती हो जाएगी।
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मोबाइल चार्जर में फैला करंट
- फोटो : अमर उजाला
बजट 2018 में एक्साइज ड्यूटी घटा दी गई थी, इस वजह से कई इलेक्ट्रॉनिक चीजें सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा पीओएस मशीनें, फिंगर स्कैनर, माइक्रो एटीएम, आरओ, मोबाइल चार्जर, देश में तैयार हीरे, टाइल्स, तैयार लेदर प्रॉडक्ट्स, नमक, जीवनरक्षक दवाएं, माचिस, एलईडी, एचआईवी की दवा, सिल्वर फॉइल, सीएनजी सिस्टम भी सस्ती हो जाएंगी।
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cashew butter
कच्चे काजू पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 2.5 फीसदी कर दी गई है तो काजू सस्ता मिलेगा। सौर ऊर्जा से चलने वाली बैटरी पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है तो यह भी सस्ती मिलेगी। डियोडरेंट्स, रूम फ्रैशनर, परफ्यूम, आफ्टर शेव, स्मार्ट वॉच फुटवियर और धूप के चश्मे के दाम बढ़ने वाले हैं। सिगरेट, सिगरेट लाइटर, पान मसाला, जर्दा, खैनी और सिगार के दाम बढ़ जाएंगे।
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money
एक अप्रैल से इनकम टैक्स पर हेल्थ और एजूकेशन सेस 1 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ लागू होगा। बजट में इसे बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया था। सैलरी से 40,000 रुपए की सीमा छोड़कर बाकी पर इनकम टैक्स लगेगा। बुजुर्गों को पोस्ट ऑफिस और बैंकों से मिले 50,000 रुपए तक के ब्याज पर टैक्स नहीं लगेगा।
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शेयर मार्केट
जो लोग शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, उन्हें अप्रैल 2018 से शेयर बाजार, इक्विटी म्यूचुअल फंड में किए निवेश पर 1 साल में 1 लाख रुपए से ज्यादा का फायदा होने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। एलएनजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के लिए कम कीमत चुकानी होगी। बजट 2018 में इसे 2.5 फीसदी सस्ता कर दिया गया है।
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ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
ई-वे बिल लागू हो सकता है। राज्यों के बीच 50,000 रुपए से अधिक मूल्य के वस्तुओं की ढुलाई के लिए ई-वे यानी इलेक्ट्रानिक वे बिल की जरूरत होगी। ट्रांसपोर्टर को जीएसटी से ई वे बिल लेना होगा। हालांकि यह बिल व्यवस्था पहले भी टल चुकी है।
बजट में कई ऐसे प्रावधान भी नए वित्तीय वर्ष में लागू होंगे, जिनका फायदा गरीब तबके पर पड़ेगा। जैसे- आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत गरीबों के इलाज के लिए 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं टीबी रोगियों के लिए भी सरकार 600 करोड़ रुपए खर्च करेगी।