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ऐसा क्या हुआ, शहीद के परिजनों से न मिल पाए रक्षामंत्री?

Thu, 07 Jan 2016 01:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
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रक्षामंत्री मनोहर परिकर पठानकोट में एयरबेस पर आतंकी हमले में शहीद हुए देश के पहले गरुड़ कमांडो गुरसेवक के परिजनों से नहीं मिल पाए। देखिए, क्यों?
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रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर एयरबेस पर आतंकी हमले के चलते सेना का आपरेशन खत्म होने के बाद पठानकोट पहुंचे थे, वहां उन्होंने सैन्य आपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक की और वहां पठानकोट के शहीद फतेह सिंह के परिवार से भी मिले थे।
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पठानकोट से वापसी में रक्षामंत्री अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में आना चाहते थे और यहां अंबाला के गरनाला गांव में शहीद हुए गुरसेवक की शहादत को उसके पैतृक घर पर जाकर नमन करना चाहते थे। गुरसेवक के परिजनों तक भी रक्षामंत्री के आने की खबर दी जा चुकी थी।

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इस सूचना के बाद से ही सैन्य व एयरफोर्स अफसरों ने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली थी, जबकि सिविल पुलिस को भी ये सूचना दी जा चुकी थी। जिसके चलते सिविल पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
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देर शाम सेना के पास से मैसेज पहुंच गया कि रक्षामंत्री पठानकोट में लेट हो गए हैं। दरअसल, पठानकोट एयरबेस में ही रक्षामंत्री ने उस इलाके का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया, जहां ये मुठभेड़ हुई थी। उसके बाद उन्होंने वहां के अफसरों से पूरे आपरेशन की जानकारी हासिल की।
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रक्षामंत्री ने उन कारणों को भी जानने का प्रयास किया, जिसके चलते आतंकी एयरबेस में दाखिल हुए और उन्होंने हमारे शहीदों को निशाना बनाया। मौके पर ही निरीक्षण करते हुए मनोहर पार्रिकर ने सुरक्षा में हुई चूक की वजह भी अफसरों से जाननी चाही।
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तमाम कार्रवाई के दौरान ही काफी समय लग गया, उसके बाद रक्षामंत्री पठानकोट के शहीद फतेह सिंह के परिजनों से भी मिलने पहुंच गए, जिस वजह से उन्हे पठानकोट में ही काफी वक्त लग गया। इसलिए रक्षामंत्री ने अंबाला में आने का कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया और वे सीधे दिल्ली निकल गए।
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