मणिपुर के नंदेल जिले में सेना के काफिले पर उग्रवादी हमले में शहीद हुए 6 डोगरा यूनिट के नायक मंजीत सिंह का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह पंजाब के पठानकोट स्थित उनके पैतृक गांव अखवाना पहुंचा। शहीद को नमन करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पंजाब के कई हिस्सों में बारिश भी हुई ऐसा लगा मानो आकाश भी शहीद अंतिम विदाई पर रो रहा हो।
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खाकी वर्दी में गया था फौज में बेटा, तिरंगे में लिपटकर लौटा
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पैतृक गांव अखवाना में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुबह शहीद मंजीत सिंह की तिरंगे में लिपटी हुई पार्थिव देह जब गांव अखवाना में पहुंची तो माहौल गमगीन हो उठा। शहीद की माता तृप्ता देवी व पत्नी काजल गुलेरिया की चीत्कारों से लोगों की आंखों में आंसू आ गए।
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खाकी वर्दी में गया था फौज में बेटा, तिरंगे में लिपटकर लौटा
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सेना की 16 डोगरा यूनिट के जवानों ने शस्त्र उलटे कर, बैंड की मातमी धुन के साथ हवा में गोलियां दागकर इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद मंजीत के छोटे भाई फौजी संदीप सिंह बड़े भाई की चिता को अग्नि दिखाई तो शमशान घाट में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। लोग भारत मां के इस लाल को श्रद्धांजलि अर्पित करने को व्याकुल हो उठे।
खाकी वर्दी में गया था फौज में बेटा, तिरंगे में लिपटकर लौटा
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शहीद के घर पसरे गहरे सन्नाटे को शहीद मंजीत सिंह अमर रहे के नारे भेद रहे थे। शहीद मंजीत की मां तृप्ता देवी ने बताया कि मनोज ने आज के दिन घर पर छुट्टी पर आने का वादा किया था। शहीद की पत्नी काजल गुलेरिया, जिसने शादी के डेढ़ साल में कुछ महीने पति के साथ गुजारे थे उनकी चीत्कारों से लोगों की आंखें भी नम हो गई।
खाकी वर्दी में गया था फौज में बेटा, तिरंगे में लिपटकर लौटा
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सेना की ओर से 29 इंफैंटरी डिब के मेजर जनरल दिवेश अग्निहोत्री, 21 सब एरिया कमांडर बिग्रेडियर संजीव लंगेइ, 51 ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जेएस यादव, कर्नल रघु पठानिया, कर्नल जेएस सरां, मेजर गौरव शर्मा, मेजर गुरप्रीत सिंह, शहीद की युनिट 6 डोगरा के सूबेदार पामिल कुमार समेत डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू और कई अन्य मौजूद रहे।