10 करोड़ रुपये के लिए एक शख्स के सिर पर ऐसा 'खून' सवार हुआ कि सब बर्बाद कर दिया। पहले दोनों बच्चों को मारा और फिर पति के साथ मिलकर खौफनाक कदम उठाया।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
घटना हरियाणा के पानीपत की है। समालखा के इस्पात कारोबारी रितेश गर्ग कारोबारी बंटवारे में 10 करोड़ रुपये कम मिलने से नाराज था। इसी बात को लेकर काफी दिनों से परिवार में तकरार भी चल रहा था। इस वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया। रितेश की पत्नी रेखा का पथरी का ऑपरेशन हुआ था। वहीं वीरवार की देर रात को रेखा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए परिवार व रिश्तेदारों ने पहले रितेश के मोबाइल पर कॉल की।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
रितेश के फोन नहीं उठाने पर रेखा के इसके बाद वंश व पुष्टि के मोबाइल फोनों पर कॉल की, लेकिन चारों के मोबाइल फोन नहीं उठाने पर रिश्तेदारों व परिजनों ने रितेश के मकान मालिक अनिल बत्रा को काल की। बत्रा ने अपने घर की प्रथम मंजिल पर जाकर रितेश के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन घर के अंदर कोई हलचल नहीं हुई। बत्रा ने इस घटना की सूचना रितेश के भाई दिनेश को दी। दिनेश ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
पुलिस के आने पर रितेश के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। रितेश का शव फंदे पर लटका हुआ था, पास ही रितेश की पत्नी रेखा फर्श पर अचेत हालत में फर्श पर पड़ी थी, जबकि दूसरे कमरे में बेड पर वंश व पुष्टि मृत हालत में पड़ी मिली। रेखा को तत्काल पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। रेखा का उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि रेखा की ठीक से सांस नहीं ले पा रही है और उनकी हालत गंभीर है।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
डीएसपी हेड क्वार्टर जगदीप दूहन ने बताया कि मामले की पुलिस गहन जांच कर रही है। डीएसपी के मुताबिक, पांच माह पहले दिनेश व रितेश के बीच बंटवारा हुआ था। पिता राजेंद्र प्रकाश गर्ग ने दोनों भाइयों को लोहे की फैक्टरी और 30-30 करोड़ रुपये मिले थे। रितेश बंटवारे में 10 करोड़ रुपये कम मिलने से नाराज था। इसी को लेकर रितेश की परिवार में तकरार भी चल रही थी। इसी से परेशान होकर रितेश बच्चों को मारकर अपना भी जीवन खत्म करने का प्रयास किया।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
बच्चों की किताबें भी बिखरी हुई थीं
डीएसपी के मुताबिक, बच्चों के ड्राइंग रूम में बेड पर स्कूल बैग से किताबें निकली हुई थीं। दो गद्दे नीचे डाल रखे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे बच्चों ने खाना खाने के बाद पढ़ाई के लिए किताबें निकाली थीं। बच्चों को पढ़ते वक्त मारा गया था। घर के अंदर घुसते ही फर्श पर खून पड़ा हुआ दिखाई दिया। ये खून उसी जगह पड़ा था, जहां रेखा फंदे से खिसक कर गिरकर गई थी। रेखा के सिर पर चोट भी थी। कमरे के अंदर खूंटी पर काले व लाल रंग की दो चुन्नी बंधी हुई थी। फंदे के पास दो साइड वाली सीढ़ी भी रखी हुई मिली। इस पर चढ़ कर दंपति ने फंदा लगाया था।
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पानीपत में परिवार ने की सुसाइड
बच्चों के ड्राइंग रूम में दो बेड के गद्दे जमीन पर पड़े हुए थे। इस पर दोनों बच्चे के शव थे। गद्दों पर बिछी चादर पर खून व उलटियों के दाग थे। पास में पड़े दीवान बेड पर बच्चों के कपड़े व स्कूल के बैग थे। दीवान बेड पर स्कूल की कॉपियां व किताबें खुली हुई पड़ी थीं। इसी के पास तीन पेन और दो पेंसिल भी पड़ी हुई थी। रसोई में रात के खाना बनाए हुए बर्तन भी झूठे पड़े हुए मिले। गैस पर दूध से भरा हुआ भगोना भी पड़ा था। कमरे के बाहर तसले के नीचे कागज के टुकड़े जले हुए बरामद हुए। कागजों के बीच मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड, माइक्रो सिम व अखबार के कागज जले हुए मिले।
हर जगह से निराशा मिलने के बाद ऐसा कदम उठाते हैं लोग: डॉ. नागपाल
इंसान हर जगह से हताश होने के बाद आत्महत्या जैसे कदम उठाता है। वह समाज से बिल्कुल कट जाता है। यह प्रवृति इंसान के अंदर एकदम नहीं आती, बल्किवह धीरे धीरे ऐसी स्थिति में आता है। वह स्वयं को पूरी तरह से हारा हुआ महसूस करता है और सुसाइड खत्म कर इस दर्द को दूर करने का प्रयास करता है। अगर कोई भी व्यक्ति अलग-थलग रहने लगता है तो परिजनों को उससे इस बारे में बात करनी चाहिए। - डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल