बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के वक्त सुनील राठी क्या कर रहा था, इसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। वहीं मामले में 5 नए सच सामने आए हैं, आप भी जानिए...
2 of 11
मुन्ना बजरंगी की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय सुनील से कोई लगातार फोन पर बात कर रहा था। माना जा रहा है कि फोन पर बात करने वाले के कहने पर ही जेल से मुन्ना के शव के दो फोटो वायरल किए गए। हत्या कराने वाले को दोनों फोटो डाले गए। पहले तीन गोली मारने वाला फोटो जेल से किसी को भेजा गया। इस फोटो में मुन्ना की छाती पर गोली लगने के कोई निशान नहीं थे। इसके बाद दूसरा फोटो मुन्ना के शव का भेजा गया, जिसमें छाती पर गोली के दो निशान थे।
3 of 11
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का मानना है कि फोटो भेजकर पुष्टि कराई गई कि हत्या हो चुकी है। दूसरी बार फिर से गोली मारने का निर्देश मिलने पर मुन्ना को गोली मारी गई। कहा जा रहा है कि उस समय हत्या कराने वाला फोन पर बात कर रहा था, जैसे उसने कहा हो कि मुझे भी गोली चलने की आवाज सुनाओ तो मुन्ना बजरंगी पर फिर से गोली चलाई गई। पुलिस मानकर चल रही है कि सुनील से किसी ने सुपारी देकर मुन्ना की हत्या कराई है और उसी को फोटो भेजे गए।
4 of 11
माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी
- फोटो : file photo
हालांकि, पुलिस की गठित टीम फोटो वायरल प्रकरण की जांच भी कर रही है। बागपत के एसपी जयप्रकाश ने इस जांच के होने की पुष्टि भी की और कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में कुछ कहा जाएगा। हालांकि, जेल में बंद सुनील राठी मुन्ना की खुद हत्या करने की बात कह रहा है। वहीं मुन्ना बजरंगी की हत्या की गुत्थी सुलझाने को अब पुलिस ने जेल में बंद सुनील राठी के विपक्षियों का सहारा लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने जेल में सुनील से रंजिश रखने वाले बंदियों से पूछताछ की।
5 of 11
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
पता चला है कि घटना के समय अन्य बंदी भी आसपास मौजूद थे। फिलहाल कोई भी बंदी बोलने को तैयार नहीं है। हत्या का राजफाश करने के लिए बागपत और मेरठ पुलिस के अलावा एसटीएफ भी जुटी हुई है। हालांकि, सुनील खुद ही हत्या की बात स्वीकार कर चुका है। मगर उसे जेल में पिस्टल किसने उपलब्ध कराई? क्यों मुन्ना की हत्या की गई? यह सवाल हर किसी के दिमाग में है। हालांकि, कई पर आशंका जताई जा रही है। मगर अब तक इसका खुलासा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
6 of 11
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
बागपत पुलिस के सूत्रों के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने करीब चार घंटे तक विपक्षी बंदियों के बयान दर्ज किए। मामले की विवेचना कर रहे एसआई रजनीश का कहना है कि जांच की जा रही है। कई के बयान दर्ज किए गए हैं। जल्द पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस उत्तराखंड के चीनू पंडित गैंग के भी कई सदस्यों से पूछताछ करेगी। उत्तराखंड पुलिस से इसके लिए सहयोग मांगा गया है। उत्तराखंड पुलिस ने पूरा सहयोग करने की बात कही है।
7 of 11
sunil rathi
वहीं हरियाणा के क्रांति गैंग के संबंध में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली के व्यापारियों से रंगदारी मांगने के दौरान सुनील राठी के गुर्गे दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना ने राजेश भारती और गिरोह के अन्य सदस्यों को सुनील राठी से ही हत्या कराने की धमकी दी थी। कहा था कि दिल्ली में आना बंद कर दो वरना अंजाम बुरा होगा। क्रांति गैंग के रिमांड पर लिए गए सदस्यों ने पुलिस पूछताछ में भी यह खुलासा किया।
8 of 11
सुनील राठी
- फोटो : amarujala
नौ जून को हरियाणा के राजेश भारती, संजीत बिदरो समेत चार का दिल्ली की स्पेशल सेल ने एनकाउंटर कर दिया था, जबकि मौके से पांच सदस्य फरार हो गए थे। रोहतक सीआईए-2 के प्रभारी आजाद सिंह और उनकी टीम ने राजेश गैंग के सदस्य बहुअकबरपुर निवासी राहुल उर्फ दादा, झज्जर के डीघल गांव निवासी कपिल उर्फ पहलवान, मुरादपुर टेकना निवासी अभिषेक उर्फ आशू के अलावा बहुअकबरपुर के सोमबीर, करसौला के अमित, गुरुग्राम के विनीत को गिरफ्तार किया था।
9 of 11
sunil rathi
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड पर लेने के दौरान गिरोह के सदस्यों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बताया कि राजेश भारती के दिल्ली के व्यापारी से रंगदारी मांगने के बाद दिल्ली के एक लाख के इनामी रहे नीरज बवाना और राजेश भारती का आमना सामना हो गया था। नीरज बवाना ने राजेश भारती और उसके गिरोह के सदस्यों से कहा था कि दिल्ली उसका एरिया है, इसलिए यहां किसी से भी रंगदारी न मांगे वरना सुनील राठी और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ पूरे क्रांति गैंग का खात्मा करा दिया जाएगा। हालांकि, दोनों गिरोह के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया था।
10 of 11
नीरज बवाना
कौन है नीरज बवाना
दिल्ली का कुख्यात बदमाश है नीरज बवाना। सुनील राठी गिरोह का सदस्य है। उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। उसने वर्ष 2014 में उत्तराखंड की जेल में बंद सुनील राठी के कहने पर ही बागपत से यूके से पेशी पर लाए जा रहे भूरा को छुड़वाया था। हालांकि, बाद में दिल्ली पुलिस ने नीरज बवाना को गिरफ्तार कर लिया था। नीरज बवाना का रिश्तेदार दिल्ली का ही एक सफेदपोश है, जो अक्सर उसे शरण दिया करता था। वह बागपत की जिला जेल में ही भूरा फरारी प्रकरण में साजिश रचने के आरोप में बंद है।
सुनील राठी कोर्ट में पेश करने जाते हुए.
- फोटो : amarujala
कौन है सुनील राठी
सुनील राठी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के टीकरी गांव का निवासी है। उसकी मां राजबाला टीकरी नगर पंचायत की चेयरमैन रही हैं। सुनील पर हत्या, रंगदारी के 30 से अधिक केस बागपत, उत्तराखंड के विभिन्न थानों पर दर्ज हैं। सुनील राठी जेल से ही गिरोह संचालित करने के लिए जाना जाता है। उसके गिरोह में अभी भी 40 से अधिक बागपत, हरियाणा, उत्तराखंड के सदस्य शामिल हैं।