सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर संक्रांति कहलाता है, और इस बार त्योहार पर 18 साल बाद बेहद शुभ योग बनने जा रहा है। इसलिए एक काम जरूर करें, जिससे सूर्य भगवान प्रसन्न होंगे।
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Makar Sankranti
14 जनवरी को अष्टमी तिथि को रात सात बजकर 51 मिनट पर अश्वनी नक्षत्र और मेष राशि में सूर्य प्रवेश कर रहे हैं। खास बात यह है कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश अमृतसिद्धि योग में हो रहा है। यह अमृतसिद्धि योग 18 वर्षों के बाद आ रहा है।
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यह बात चंडीगढ़ में श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कही है। उन्होंने कहा कि अमृतसिद्धि योग 15 जनवरी को दिन में एक बजकर 55 मिनट पर समाप्त हो रहा है।
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- फोटो : डेमो
दिन सोमवार, अष्टमी तिथि, अश्वनी नक्षत्र और सिद्धि योग हो तो अमृतसिद्धि योग बनता है। कर्क लग्न में मकर राशि का प्रवेश धनु राशि में शुक्र बृहस्पति को पंचम भाव में होने से लग्नाधि सिद्धि योग बनता है।
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बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है मकर संक्रांति के दिन यदि ऐसा संयोग बनता है तो इसमें अपने पितरों का पिंड दान करने से मनुष्य को पितृ ऋण से शांत मिलती है। यदि अर्धरात्रि के पहले सूर्यास्त के तीन घंटे के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब दिन के दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से पुण्यकाल प्रारंभ होकर अगले दिन दोपहर तक पुण्यकाल रहता है।
14 जनवरी को 12 बजकर 31 मिनट से 15 जनवरी को 12 बजकर 31 मिनट तक पुण्यकाल में स्नान दान पूजा करना उत्तम रहेगा। पितर कार्य 14 जनवरी को करना शुभ रहेगा। इस दिन स्नान, दान, जप, श्राद्ध और अनुष्ठान का बहुत महत्व है।