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नई एक्साइज पॉलिसी में 13 बड़े बदलाव, अब जरा थोड़ी थोड़ी पिया कीजिए जनाब

Fri, 07 Apr 2017 09:15 AM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
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liquor
जनाब अब जरा थोड़ी थोड़ी पिया करो शराब, क्योंकि नई एक्साइज पॉलिसी में हो गए हैं कई बड़े बदलाव। न शराब बेचने वालों को न इसके शौकीनों को आराम।
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liquor vends
दरअसल, हरियाणा में शराब करीब 20 फीसदी महंगी हो गई है। इसके अलावा एनसीआर के दो अहम जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बार की सालाना लाइसेंस फीस में इजाफा हो गया है यानि अब इन जिलों की बार में बैठकर पीने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर चलते हुए नैशनल हाइवे और स्टेट हाइवे के दोनों तरफ 500-500 मीटर की दूरी तक कोई ठेका नहीं खुलेगा।
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liquor vends
इसी तरह 185 ग्राम पंचायतों की इच्छानुसार इनके इलाकों में ठेके बंद कर दिए जाएंगे। दूसरी ओर इस बार शराब के रिटेल आउटलेस्ट की संख्या व कोटे में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रदेश की साल 2017-18 के लिए नई आबकारी नीति का मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने ऐलान कर दिया। कैप्टन अभिमन्यु के मुताबिक नई आबकारी नीति में कुछ लचीले नियमों के साथ ईज ऑफ डुईंग बिजनेस का ख्याल रखते हुए राजस्व को बढ़ाना है।

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शराब - फोटो : demo pic
पॉलिसी के मुताबिक देसी शराब (सीएल) और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) के लिए रिटेल आउटलेटस की संख्या और कोटा वही रखा गया है, जो चालू वित्त वर्ष में था। इसके अलावा, शराब के ठेके बंद करने के 185 ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को भी स्वीकार कर लिया गया है। साल 2017-18 के लिए भी प्रदेश में देसी और अंग्रेजी शराब के रिटेल आउटलेट्स की अधिकतम संख्या पहले की तरह 3500 रखी गई है।
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अंग्रेजी शराब - फोटो : Demo Pic
इस साल शराब के ठेके को जोन के आधार पर अलॉट किए जाएंगे जबकि यह पहले ग्रुप के आधार पर अलॉट होते थे। जोन में 6 शराब के ठेकों की इजाजत दी जाएगी, जिसमें अलॉटी को यह आजादी रहेगी कि वह अपने जोन में नियमों के तहत शराब का ठेका खोल सकता है। लाइसेंस आवंटी को यह भी स्वतंत्रता होगी कि वह अपने जोन के ठेकों में देसी शराब (सीएल) या अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) या दोनों बिक्री के लिए रख सकेगा।
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शराब बिक्री
अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए जोन में पहली बार दो उप-शराब ठेके (सब-वेंड्स) खोलने की इजाजत होगी, जिसमें 10 लाख रुपये प्रति उप-शराब ठेके की निर्धारित फीस तय की गई है। बार और पब पहले की तरह ही चलेंगे। बीयर पर डयूटी की दरें 25 रुपये से 40 रुपये प्रति बीएल थी जो अब 31 रुपये से 36 रुपये प्रति बीएल की गई हैं।
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शराब
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत देश के अटॉर्नी जनरल और एडवोकेट जनरल के परामर्श के अनुसार नैशनल हाइवे और स्टेट हाइवे से 500 मीटर की दूरी बार और पब पर लागू नहीं होती है। एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के परिणामस्वरूप लगभग 500 शराब के ठेके दोबारा स्थापित होंगे, परंतु राज्य सरकार इस निर्णय का स्वागत करती है।

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Liquor Vend
पहली बार सरकार ने निर्णय लिया है कि हरियाणा में इंपोर्ट विदेशी शराब (बोटल्ड इन ओरिजनल) की सप्लाई के लिए लाइसेंस लेने के लिए नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और बोली आमंत्रित की जाएगी ताकि राज्य सरकार को अधिक से अधिक रेवेन्यू मिल सके। सरकार को इससे 50 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की संभावना है।

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शराब पर पूर्ण पाबंदी - फोटो : Thinkstock
मंत्री ने बताया कि पड़ोसी राज्य पंजाब की तुलना में बड़े अंतराल को कम करने के लिए सरकार सीएसडी कैंटीन के माध्यम से दी जानी वाली शराब की ड्यूटी को भी तर्कसंगत बनाने का काम कर रही है। देसी शराब (सीएल) तथा अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) पर टैक्स की विभिन्न नई श्रेणियां शुरू की गई हैं। देसी शराब पर आबकारी कर की दर 20 रुपये प्रति पीएल से बढ़ाकर 28 रुपये प्रति पीएल की गई है।

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शराब पर पूर्ण पाबंदी
अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) की चार कैटिगरी पर आबकारी कर 40 रुपये प्रति पीएल से बढ़ाकर 70 रुपये प्रति पीएल किया गया है। वाइन पर डयूटी की दर 10 रुपये तय की गई है, पहले यह तीन रुपये और चार रुपये प्रति बीएल थी। बार की लाइसेंस फीस 12.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की गई है।

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शराब
फरीदाबाद में बार की लाइसेंस फीस 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की गई है और राज्य के अन्य जिलों में 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये की गई है। शराब पर वैट की दरों में 10 फीसदी प्लस 5 फीसदी सरचार्ज की दर में भी संशोधन किया गया है। देसी शराब (सीएल) में 13 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर।

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बीयर
बीयर में 13.5 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर। आईएमएफएल में 14 प्रतिशत प्लस 5 प्रतिशत सरचार्ज की दर होगा। देसी शराब के मामले में कोटा ट्रांसफर फीस को 9 रुपये प्रति प्रूफ लिटर कम किया गया है और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) के मामले में 6 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कम किया गया है। देसी शराब (सीएल) और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) की आबकारी ड्यूटी को भी तर्कसंगत किया गया है।
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वाइन, ड्राइ डे - फोटो : फाइल फोटो
1000 रुपये से ज्यादा की शराब की सेल पर बिल: शराब की तस्करी और गैर-कानूनी बिक्री को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाते हुए विभाग द्वारा एक एन्फोर्समेंट विंग बनाएगा। लाइसेंस धारकों को हर 1000 रुपये से अधिक की बिक्री के लिए बिल जारी करना जरूरी होगा और यदि इससे कम की राशि है तो उपभोक्ता द्वारा मांगे जाने पर उन्हें बिल दिया जाएगा।
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