भारत में जान से बड़ी आन है। इसका जीता जागता उदाहरण देखिए, एम्बुलेंस में मासूम बच्ची तड़पती रही और वीआईपी के चक्कर में पुलिस ने रास्ता रोके रखा।
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VIP कल्चर जब मासूम बच्ची की जान का दुश्मन बना
बस फिर क्या था, लोगों ने उन्हें सबक सिखा दिया। सारा मामला देखकर लोग भड़क गए और उन्होंने मामले की वीडियो बना ली। साथ ही पुलिस वालों का विरोध करना कर दिया। मामला बढ़ता देखकर पुलिस वालों ने एंबुलेंस को जाने दिया। ड्राइवर ओमप्रकाश ने बताया कि 20 मिनट की देरी होने के बावजूद बच्ची समय से अस्पताल पहुंच गई। ब्लीडिंग ज्यादा दी, देर हो जाती तो बच्ची की जान चली जाती।
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एक्टर और सांसद विनोद खन्ना
घटना एक अप्रैल की दिल्ली की है। 1 अप्रैल को वीआइपी मूवमेंट था। रिंग रोड पर राजघाट तक पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया था। वहीं कैंसर पीड़िता बच्ची हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली है। अमर उजाला पत्रकार ने जब बच्ची के पिता से बात की तो उन्हें पूरा वाकया बताया। मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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VIP कल्चर जब मासूम बच्ची की जान का दुश्मन बना
मिली जानकारी के अनुसार, सोनीपत के गांव बंदेपुर की ढ़ाई साल की बच्ची वर्षा कैंसर पीड़िता है। बीती 1 अप्रैल को सोनीपत से उसे फरीदाबाद एशियन अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। सोनीपत से एंबुलेंस चालक ओमप्रकाश उसे दिल्ली लेकर जा रहे थे। ओमप्रकाश ने बताया कि जैसे ही उनकी गाड़ी आईटीओ पर पहुंची तो दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे थे।
ओमप्रकाश ने पुलिस वालों को एंबुलेंस को जोने देने के लिए कहा, लेकिन पुलिस वालों कउनका कहना था कि कोई वीआईपी गुजरने वाला है, इसलिए आगे गाड़िया नहीं जाने दी जा रही। पहले तो पुलिसकर्मी एंबुलेंस को निकालने के लिए मान गए, लेकिन फिर जाने नहीं दिया। यह देखकर वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया और पुलिस का विरोध किया।