बटाला के पास गांव घुमाण में एक चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से लगाए गए कैंप में 24 लोगों की आंखों की रोशनी जाने की बात गुरदासपुर के डीसी ने मानी है। यह कैंप एनजीओ चलाने वाले मंजीत सिंह जोशी के साथ मिलकर गुरु नानक चैरिटेबल अस्पताल में लगाया गया था।
विज्ञापन
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
2 of 8
गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर डा. अभिनव त्रिखा ने बताया कि इसमें 49 मरीजों की आंखों का आपरेशन किया गया था। इसके लिए जालंधर से विवेक अरोड़ा को विशेष तौर पर बुलाया गया था। संस्था ने न तो सरकार से इजाजत ली और नहीं प्रशासन को कोई जानकारी दी।
विज्ञापन
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
3 of 8
डीसी ने बताया कि 49 में से 24 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है जिनकी आंखों की रोशनी चली गई है। सब अमृतसर के सिविल अस्पताल में दाखिल है।
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
4 of 8
अन्य मरीजों का पता नहीं चला क्योंकि ऑपरेशन हुए हफ्ते से ज्यादा हो चुका है। हो सकता है कि मरीज तकलीफ होने पर किसी अन्य निजी संस्थान में अपनी चिकित्सा करवा रहा हो।
विज्ञापन
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
5 of 8
डीसी त्रिखा ने इस बात की पुष्टि की कि गुरदासपुर जिले से एक मरीज गुरमेज सिंह गांव छिन्नावीला उधनवाल का है जिसकी आंखों की रोशनी खो गई है।
विज्ञापन
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
6 of 8
ऑपरेशन करने वाले विवेक अरोड़ा पर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरु नानक चैरिटेबल अस्पताल और एनजीओ पर भी कानूनी कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
देखिए, जो रोशनी बढ़ाने चले थे वो आंखें गंवा बैठे
7 of 8
डीसी त्रिखा ने बताया कि ये आपरेशन 4-5 नवंबर की रात को हुए। जिन मरीजों के आपरेशन हुए उसकी जानकारी न तो डाक्टर के पास और न ही अस्पताल के पास। उसकी जानकारी केवल एनजीओ जो मथुरा बेस्ड है के पास है।