फिल्म अभिनेत्री से राजनीति में एंट्री करने वाली किरण खेर एक बार फिर चंडीगढ़ की उम्मीद बन गई। जानिए वो पांच कारण जिन्होंने सिटी ब्यूटीफुल में लगातार दूसरी बार 'कमल' खिला दिया।
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जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
किरण खेर ने वीरवार को अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार पवन कुमार बंसल को 46970 वोटों से हरा दिया। किरण खेर को कुल 231188 वोट मिले, जबकि पवन बंसल को 184218 वोट मिले। एग्जिट पोल आने के बाद चंडीगढ़ की सीट भाजपा की झोली में जाना तय माना जा रहा था। यह लगातार दूसरी बार है, जब किरण ने बंसल को हराया है। इससे पहले साल 2014 में हुए आम चुनाव में किरण खेर ने बंसल को 69642 वोटों से हराया था।
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किरण खेर की जीत का सबसे बड़ा कारण मोदी फैक्टर रहा है। साथ ही भाजपा का बूथ मैनेजमेंट, संघ की सक्रियता, महिलाओं का साथ और कालोनियों में हुई बंपर वोटिंग ने भी किरण की जीत में अहम रोल निभाया है। अनुपम खेर ने भी शहर में काफी समय गुजारा, कई जनसभाएं कीं। पार्टी से रूठे लोगों को साधने में उन्होंने अहम रोल निभाया। किरण की जीत में पांच कारण कौन से हैं, आइए नजर डालते हैं।
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देश सहित चंडीगढ़ में मोदी लहर
देशभर में प्रधानमंत्री मोदी लहर बरकरार है। शहरवासी प्रधानमंत्री के काम से काफी प्रभावित रहे, जिसका सीधा फायदा किरण खेर को मिला। चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री ने रैली कर लोगों से अपने नाम पर वोट मांगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़वासी कमल का बटन दबाएंगे तो वोट सीधे मोदी के खाते में जाएगा।
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माइक्रोलेवल पर मजबूत रही भाजपा
भाजपा का बूथ मैनेजमेंट काफी मजबूत रहा। खास तौर पर माइक्रोलेवल पर। पार्टी के पदाधिकारियों ने पकड़ बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी कमेटियां बनाईं। व्यक्ति की क्षमता के अनुसार काम सौंपा गया। पन्ना प्रमुख का प्रयोग भी चंडीगढ़ में सफल साबित हुआ। हर बूथ के लिए अलग समिति का गठन किया गया, जिसके चलते प्रत्येक व्यक्ति तक भाजपा पहुंची। भाजपा ने हर बूथ के लिए किट बनाई, जिसमें जरूरत का सभी सामान मुहैया कराया गया।
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चुनाव से ठीक पहले संघ की सक्रियता
चुनाव के एलान के साथ ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के तमाम प्रचारक व पदाधिकारियों ने शहर में डेरा डाल लिया। मतदान के दिन तक संघ के नेता चंडीगढ़ में डटे रहे। उन्होंने भाजपा के लिए सीधे तौर पर प्रचार न कर ‘मतदाता जागरूकता अभियान’ के तहत 100 फीसदी मतदान की मुहिम चलाई। हालांकि इस दौरान वह भाजपा को ही वोट देने के संकेत देते रहे।
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किरण खेर
महिलाओं का मिला साथ
भाजपा को शहर की महिलाओं का खूब साथ मिला। 19 मई को हुए मतदान के दिन चिलचिलाती धूप में लाइन में लगकर महिलाओं ने मतदान किया। महिलाओं के लिए भाजपा सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न स्कीमों से किरण खेर को लाभ मिला। उज्ज्वला योजना का किरण खेर ने काफी प्रचार किया। चंडीगढ़ में कुल तीन लाख चार हजार 423 महिला मतदाता हैं। इनमें से 70 फीसदी से ज्यादा महिलाओं ने वोट किया।
कॉलोनियों में वोट बैंक अब भी बरकरार
साल 2014 से पहले कॉलोनियों का वोट कांग्रेस का माना जाता था लेकिन पिछले चुनाव में बीजेपी ने इसमें सेंध लगा दी। कॉलोनियों में हुई बंपर वोटिंग ने किरण खेर को बड़ी लीड दिलाने में मदद की है। मतगणना की शुरुआत में किरण खेर और पवन बंसल के बीच का मार्जिन काफी कम रहा, लेकिन जैसे ही कॉलोनियों के मतों की गिनती शुरू हुई, किरण खेर की लीड बढ़ती गई। सेक्टरों में भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर रही लेकिन कॉलोनियों में भाजपा ने काफी बढ़त हासिल की है।