लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में पंजाब की 13 सीटों पर एक साथ मतदान होंगे। कांग्रेस, अकाली-भाजपा गठबंधन और आम आदमी पार्टी सभी सीटें जीतने का दावा कर रही हैं। पंजाब में कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी की स्थिति मजबूत करने में लगे हैं। वहीं, अकाली-भाजपा ने भी पूरा जोर लगा रखा है। आप पार्टी भी मुकाबले को रोमांचक बनाने में जुटी है। मतदान से दो दिन पहले डेरा सच्चा सौदा अपने पत्ते खोलेगा, इसके बाद किसी भी पार्टी के समीकरण बन या बिगड़ सकते हैं।
फिरोजपुर: सुखबीर बादल को 'उनके' ही सांसद दे रहे चुनौती
इस सीट पर 25 साल से अकाली दल का कब्जा है। इस बार अकाली दल के प्रधान व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल मैदान में हैं। बादल के पूर्व सहयोगी व दो बार अकाली दल से सांसद रहे शेर सिंह घुबाया कांग्रेसी उम्मीदवार के रूप में उनको चुनौती दे रहे हैं। शेर सिंह को अकाली समर्थक वोटरों के गुस्से का सामना भी करना पड़ रहा है। बेअदबी और कोटकपुरा गोलीकांड के मुद्दों पर कांग्रेस ने सुखबीर बादल को जनरल डायर द्वितीय तक कहना शुरु कर दिया है। आप के हरजिंदर सिंह काका और सीपीआई के हंसराज गोल्डन पीडीए के टिकट पर मैदान में हैं।