अगर आप शराब पीने के शौकीन हैं तो अब जरा थोड़ी थोड़ी पिया कीजिए जनाब, क्योंकि 'लालपरी' महंगी हो गई है, यहां जानिए कितनी।
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अंग्रेजी शराब
- फोटो : Demo Pic
दरअसल, हरियाणा में मदिरापान के शौकीनों को मनोहर लाल सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। सोमवार को अगले एक साल के लिए घोषित नई आबकारी एवं कराधान नीति में अंग्रेजी और देशी शराब महंगी कर दी गई है। देशी शराब की कीमतों में प्रति बोतल दस रुपये का इजाफा किया गया है, सरकार ने देशी की बोतल का एमआरपी 140 रुपये तय किया है, अभी यह 130 रुपये बिक रही है।
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wine
- फोटो : Getty
नई नीति पहली अप्रैल 2018 से लागू होगी। देशी शराब पर एक्साइज ड्यूटी 28 रुपये प्रति प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 44 रुपये प्रति प्रूफ लीटर की गई है। जबकि, इसकी निर्यात ड्यूटी में एक रुपये की कमी की गई है। अभी तक यह डेढ़ रुपये थी, जो कम होकर पचास पैसे रह जाएगी। भारत में निर्मित अंग्रेजी विदेशी शराब के रेटों में इजाफा निर्माता कंपनियां करेंगी, चूंकि अंग्रेजी शराब का एमआरपी सरकार तय नहीं करती है।
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अंग्रेजी विदेशी शराब पर 44-200 रुपये से बढ़ाकर 49 से 210 रुपये प्रति प्रूफ लीटर एक्साइज ड्यूटी की गई है। इसका गुणा भाग कर कंपनियां अगले दो सप्ताह में सरकार को शराब के नए रेट बताएंगी। एक्साइट ड्यूटी में पांच से दस रुपये प्रति प्रूफ लीटर वृद्धि की गई है, ऐसे में कंपनियां दस से बीस रुपये प्रति बोतल रेट बढ़ा सकती हैं। सरकार ने नई नीति एक साल के लिए छह हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य के साथ घोषित की है।
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wine
- फोटो : Thinkstock
शराब ठेकेदार देशी शराब का दस प्रतिशत कोटा कम कर अंग्रेजी शराब का हिस्सा बढ़ा सकते हैं। सीएम मनोहर लाल की मंजूरी के बाद नई नीति की घोषणा आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने की। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ठेके एक साल के लिए ही आवंटित किए गए हैं। देशी और अंग्रेजी शराब के कोटे में पचास-पचास लाख प्रूफ लीटर की बढ़ोतरी की है।
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देशी शराब का कोटा एक हजार लाख प्रूफ लीटर और अंग्रेजी का 600 लाख प्रूफ लीटर रहेगा। शराब ठेकों की संख्या पिछले साल की तरह 2323 के आसपास ही रहेगी। इसमें दस-बीस ऊपर नीचे हो सकते हैं। ठेकों की ई-नीलामी होगी। हर जिले में एक जोन में छह ठेके ही ठेकेदार ले सकेगा। रेस्टोरेंट और होटलों के लिए लाइसेंस फीस पिछले साल की तरह रहेगी।
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red wine
हरियाणा में शराब कंपनियों के लिए निर्धारित बेसिक कोटे में से बीस फीसदी की पैकिंग कांच की बोतलों में होगी। प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। कांच की बोतलों पर हरियाणा सरकार लिखा होगा ताकि दूसरे प्रदेशों में यहां से तस्करी न हो सके। इसके अलावा सरकार ने एक और अहम निर्णय लिया है। प्रदेश में रोजाना बिकने वाली बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब बीयर की प्रति बोतल में से तीन, पांच और सात रुपये पंचायतों, पंचायत समतियों और जिला परिषदों को दिए जाएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए राशि का वितरण सत्तर, बीस और दस के अनुपात में होगा। सत्तर प्रतिशत राशि पंचायतों, बीस प्रतिशत पंचायत समितियों और दस प्रतिशत जिला परिषदों को जाएगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब की प्रति बोतल एक रुपया सरकार को मिलेगा। अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए सरकार इनफोर्समेंट विंग बना रही है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त को पूरा विंग रिपोर्ट करेगा। इसमें पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल होंगे।
बड़े स्टोर व शॉपिंग मॉल्स में शराब का डिस्पले करने के लिए छूट रहेगी। ठेकों का लाइसेंस ई-नीलामी के जरिये एक ही व्यक्ति को मिलेगा। आबकारी एवं कराधान विभाग ने इस वित्त वर्ष में आबकारी टैक्स से 5200 करोड़ रुपये कमाए हैं। शराब पर वैट के रूप में 482 करोड़ का टैक्स अलग से मिला। इस तरह कुल राजस्व 5682 करोड़ रुपये आया। कुल कमाई में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।