नोटबंदी के बाद अगर आपने खाते में पैसे जमा कराए हैं और वे 2.5 लाख से कम हैं तो आपको परेशानी झेलनी पड़ेगी। देख लें ये वार्निंग।
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बैंक के बाहर रुपये निकालने के लिए लगी कतार
ये पेनेल्टी आपको उस सूरत में लगाई जा सकती है, अगर आप अपने अकाउंट में अढ़ाई लाख से कम जमा की रकम का सोर्स न बता पाएं। इसे बिना हिसाब का पैसा माना जाएगा और आपको 85 फीसदी तक पेनल्टी देनी होगी।
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एटीएम पर पैसा के लिए खड़ी युवतियां
चंडीगढ़ के एक बैंक अधिकारी के मुताबिक बैंकों में जमा हो रहे कैश पर आयकर विभाग ने कड़ी नजर रखी हुई है। 8 नवंबर के बाद बैंक खाते में अढ़ाई लाख से कम या ज्यादा जमा करने वालों को पाई-पाई का हिसाब देना होगा।
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बैंक में लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 8 नवंबर को 500 रुपए व 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया और ग्राहकों को 50 दिन का समय दिया ताकि वे अपने मौजूदा नोटों को बदल सकें। उद्देश्य यही है, पुराने नोटों को बदलने की 50 दिन की अवधि में लोग अपने कालेधन को वैध न बना सकें।
सरकार की नजर देश के 25 करोड़ से ज्यादा जनधन अकाउंट पर भी है। असल में सरकार को भी इन अकाउंट्स में ब्लैकमनी पहुंचने का डर सता रहा है क्योंकि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद ऐसी आशंका है, बहुत से लोग जनधन अकाउंट का यूज ब्लैकमनी को व्हाइट करने में कर सकते हैं।