भारतरत्न एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बता रहें हैं, जीवन की राह में आने वाली समस्याओं को हराने के टिप्स। आप भी जानिए।
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कैसे हराएं समस्याओं को? बता रहे हैं 'भारत रत्न' कलाम
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भारतरत्न एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा कि युवा इंजीनियर को अपने जीवन में आने वाले हर समस्या को हराकर निरंतर आगे बढ़ना होगा। युवाओं को नई खोज से देश की प्रगति में अपना योगदान देना होगा। डॉ. कलाम ने वीरवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के ओपन एयर थियेटर में संस्थान के 12 वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे।
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पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने कहा कि देश के भावी इंजीनियरों ने चार पांच साल में अपने संस्थान में रहकर किताबी ज्ञान अर्जित किया, अब ये सभी इंजीनियर फील्ड में जाकर एक नए जीवन की शुरुआत करेंगे। इस नए जीवन में युवाओं को अपने इन चार साल के किताबी ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान में उपयोग करना होगा।
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अब्दुल कलाम ने कहा कि सभी युवाओं को फील्ड में जाकर अपना मिशन निर्धारित करना होगा। मिशन के साथ प्रतियोगिता, तकनीकी, खोज और नए शोध की खोज करने पर एक नई सोच को पैदा करना होगा। इन तमाम पहलुओं को लेकर ही युवा अपने मिशन को हासिल कर सकेंगे।
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अब्दुल कलाम ने युवा पीढ़ी को ग्राह्मबैल और सीवी रमन जैसे महान वैज्ञानिकों के उदाहरण देकर बताया कि सभी युवाओं को इन वैज्ञानिकों के प्रेरणा लेकर मेहनत से अपने लक्ष्य को साधना होगा। उन्होंने कंप्यूटर साइंस, नैनो टैक्नोलॉजी, सूचना एवं प्रौद्योगिकी तकनीकी पर भी विस्तृत प्रकाश डालते हुए नई खोज करने पर अपना फोकस करना होगा।
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अब्दुल कलाम ने कहा कि युवा इंजीनियर को अब फील्ड में जाकर नई तकनीकी का प्रयोग करके देश की प्रगति के लिए अच्छे प्रोजेक्ट पर काम करना होगा, ताकि इन प्रोजेक्ट के माध्यम से देश में विभिन्न उत्पादों की मांग को पूरा किया जा सके। जब देश में सभी उत्पादों की मांग पूरी होगी, तब निश्चित ही राष्ट्र प्रगति की राह पर आगे जाएगा।
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अब्दुल कलाम ने कहा कि युवा पीढ़ी को नया इतिहास लिखने के लिए अपनी कलम से कम से कम एक नया पन्ना लिखने का लक्ष्य भी निर्धारित करना होगा, जब नई पीढ़ी इतिहास का नया पन्ना लिखेगी, तो निश्चित ही समाज में नई तकनीकी व नई खोज से परिवर्तन आएगा। देश का भविष्य भावी पीढ़ी को अपने हाथों से लिखना होगा। इसके लिए सभी को मेहनत ईमानदारी के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच रखनी होगी।