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'शकुनी मामा' ने सिखाई युवाओं को चालबाजियां, तस्वीरें

Sat, 28 Mar 2015 03:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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महाभारत के शकुनी मामा चंडीगढ़ में पहुंचे। यहां उन्होंने युवाओं को सिखाया, कैसे कामयाब करती हैं चालबाजियां। देखिए तस्वीरें।
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'शकुनी मामा' ने सिखाई युवाओं को चालबाजियां, तस्वीरें

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फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर पेंटल (कंवरजीत सिंह पेंटल) का कहना है कि एक्टिंग सीखनी है तो खुद को पहचानना होगा। एक्टिंग हर जगह है। चाहे वह निर्जीव हो या सजीव, सभी वस्तुओं में एक्टिंग छुपी है। एक पर्दा भी अपनी कहानी कह सकता है और घड़ी भी। जब इन्हें पहचान जाओगे तो एक्टिंग के डॉन बन जाओगे।
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पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर के स्टूडेंट्स को गूफी पेंटल ने अभिन्य के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि कलाकार बनने के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है निरीक्षण, कल्पना और ध्यान। इन तीनों को मिलाएंगे तो एक बेहतरीन कलाकार निकलकर सामने आएगा।

'शकुनी मामा' ने सिखाई युवाओं को चालबाजियां, तस्वीरें

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वर्ल्ड थिएटर डे के मौके पर पहुंचे पेंटल ने कहा कि फिल्म और थिएटर में काफी अंतर है। कैरेक्टर को कापी नहीं करना चाहिए। उसको समझने की आवश्यकता है। जब उसको समझेंगे तभी कैरेक्टर को खुद में ढाल सकेंगे। चाहे बस में सफर करें या फिर हवाई जहाज में, ऑब्जर्वेशन का प्रोसेस हमेशा चलता है।
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पेंटल ने कहा कि देश में कई फिल्म ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं। कुछ इंस्टीट्यूट में एक्टिंग कम ही सिखाई जाती है। ऐसा इसलिए हो गया है कि इंस्टीट्यूट के मालिक कारपोरेट्स हैं और पढ़ाने वाले फिल्मों से। दोनों के बीच बेहतर टाइअप नहीं होता है। जिसकी वजह से ट्रेनिंग का प्रोसेस ठीक से नहीं चलता।
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