नहरी विभाग द्वारा वीरवार शाम को पश्चिमी यमुनानहर में छोड़े गए पानी से यमुनागर के रादौर में पुल का निर्माण कर रहे 14 मजदूर पानी में फंस गए। तेजधार पानी में फंसे सभी मजदूर घंटों अपनी जान बचाने के लिए निर्माणाधीन पुल के पिलर पर बैठे रहे। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। मजदूर नहर के बाहर खड़े लोगों से उन्हें बचाने की गुहार लगाते रहे।
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देखिए, नदी में फंसे 14 लोग, चला रेस्क्यू ऑपरेशन
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लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी को पाइपों के जरिए नहर से बाहर निकाला गया। नहर में अचानक पानी छोड़े जाने से पुल का निर्माण कर रही मोहाली की कंपनी वैलफीन इंडियन इन कोरपोरेट को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वैलफीन इंडियन इन कोरपोरेट मोहाली के मालिक अशमिंदर सिंह सोढी ने बताया कि उन्होंने रादौर में पश्चिमी यमुना नहर का पुल बनाने का ठेका लिया हुआ है।
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वीरवार की शाम लगभग पांच बजे 14 मजदूर पुल के पिलर नंबर तीन पर कार्य कर रहे थे। उस समय नहर में बहुत कम पानी था। तभी अचानक नहरी विभाग द्वारा पश्चिमी यमुना नहर में भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ने की उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई।
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लगभग तीन घंटे के बाद पुल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे लोहे के पाईपों पर चलकर मजदूर नहर से बाहर निकलें। मजदूरों ने बताया कि वे तीन घंटे तक नहर के बीच में फंसे रहे। इस दौरान प्रशासन व पुलिस की ओर से उन्हें बचाने के लिए कोई भी मौके पर नहीं आया।
जिस कारण अचानक नहर में पानी आने से पीलर के ऊपर काम कर रहे मजदूर बीच नदी में फंस गए। नहर में लगभग 15 फुट ऊंचाई तक पानी तेज धार से बहने लगा। मजदूरों ने अपनी जान बचाने के लिए आसपास के लोगों को आवाज लगाई। पानी में तेजधार होने के कारण कोई भी उन्हें नहर से बाहर निकालने की हिम्मत नहीं कर सका।