मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक गांव बादल में पंजाबभर के एनआरएचएम कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। तस्वीरों में देखिए, पुलिस की बर्बरता।
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देखिए, पुलिस की 'बर्बरता', महिलाओं को मारे डंडे
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मुक्तसर जिले के लंबी इलाके में मांगों को लेकर राज्य भर से एनआरएचएम कर्मी जमा हुए थे। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। वहीं पानी की बौछारें भी छोड़ कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
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पुलिस के लाठीचार्ज में करीब एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मी घायल हो गए। घायल कर्मचारियों को अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से कुछेक को बादल और बठिंडा के लिए रेफर कर दिया गया।
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बुधवार को स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम स्कीम के तहत कार्यरत कर्मचारियों का बादल कूच करने का प्रोग्राम था। सुबह से ही विभिन्न जिलों से कर्मचारी लंबी पहुंचे और राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद दोपहर कर्मचारियों ने गांव बादल की ओर कूच किया तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
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लाठीचार्ज में बलविंदर कौर बठिंडा घबराहट में बेसुध हो गईं। यही नहीं नवराज सिंह बरनाला, राजविंदर कौर बठिंडा की आंख पर चोट आई है। गुरशिंगार बरनाला, प्रदीप कुमार पठानकोट के सिर पर गहरी चोटें हैं। इसके अलावा कई कर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं। सबको तुरंत लंबी अस्पताल दाखिल कराया गया।
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लाठीचार्ज के बावजूद प्रदर्शनकारी देर शाम तक लंबी में ही प्रदर्शन पर डटे रहे। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि राज्य भर में कर्मचारी कई वर्षों से नाममात्र वेतन पर ही काम कर रहे हैं। कर्मचारियों को विद्यक योग्यता के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा। कर्मचारियों द्वारा इस मामले को कई बार सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है, मगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा।
कर्मचारियों द्वारा इस मामले को कई बार सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है, मगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उन्हें रेगुलर पे स्केल दे, वर्ना संघर्ष जारी रहेगा।