पिता अवतार सिंह, माता महिंदर कौर और बड़े भाई बलवंत सिंह ने शहीद को सैल्यूट कर सलामी दी। इस दौरान शहीद राजविंदर सिंह अमर रहे के नारे लगे। इससे पहले बुधवार सुबह सेना के विशेष जहाज के जरिये नायक राजविंदर सिंह का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया। यहां से सड़क रास्ते से पटियाला के मिलिट्री स्टेशन लाया गया और एक बड़े काफिले में फिर गांव दोदड़ा पहुंचा।