अनुज ने अपना वादा पूरा किया। उसने कहा था तीन मई को घर आऊंगा। वह आया भी लेकिन तिरंगे में लिपटकर। शहादत का जाम पीकर। यह बातें बताते हुए शहीद मेजर अनुज सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत कुछ भावुक हुए लेकिन उन्होंने बड़ी बहादुरी से खुद को संभाले रखा। उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। वह देश का बेटा था, देश के लिए शहीद हो गया।