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रिटायर्ड बिग्रेडियर पिता बोले- तीन मई को आने का अनुज ने किया था वादा, तिरंगे में लिपटकर निभाया

Wed, 06 May 2020 01:26 AM IST
ajay kumar अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला ( हरियाणा)
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- फोटो : अमर उजाला
अनुज ने अपना वादा पूरा किया। उसने कहा था तीन मई को घर आऊंगा। वह आया भी लेकिन तिरंगे में लिपटकर। शहादत का जाम पीकर। यह बातें बताते हुए शहीद मेजर अनुज सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत कुछ भावुक हुए लेकिन उन्होंने बड़ी बहादुरी से खुद को संभाले रखा। उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। वह देश का बेटा था, देश के लिए शहीद हो गया। 
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पिता ने दी मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
चंद्रकांत सूद ने बताया कि 21 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर अनुज सूद (30) शादी के कुछ दिनों बाद ही ड्यूटी पर चला गया था। तीन मई को उसे घर आना था। उसके आने की खबर से पूरा परिवार खुश था। लेकिन जो हुआ उसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। अनुज घर पहुंचा लेकिन देश पर अपने प्राण न्योछावर करने के बाद। उसने देश पर शहीद होकर मेरा सीना फख्र से चौड़ा कर दिया है। 
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- फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी ने सेना में जाने की जताई इच्छा
शहीद मेजर अनुज सूद की पत्नी आकृति सिंह ने भी सेना में जाने की इच्छा जताई है। इस बात की पुष्टि हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने की है। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह अमरावती एंक्लेव स्थित शहीद के परिवार को सांत्वना देने गए थे। शहीद मेजर अनुज सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद समेत परिवार के सदस्यों से काफी देर तक बात हुई। इस दौरान अनुज सूद के पिता ने बताया कि बहू आकृति भी सेना में जा सकती है क्योंकि उनका पूरा परिवार देश को समर्पित है। विस स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि इस दौरान अनुज सूद की पत्नी वहां मौजूद नहीं थीं।

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- फोटो : अमर उजाला
दोस्तों पर जान छिड़कता था अनुज: कमलजोत सिंह
अनुज सूद के सहपाठी कमलजोत सिंह ने कहा कि उसके जैसा दोस्त मिलना मुश्किल है। वह दोस्तों पर जान छिड़कता था। बचपन से ही आर्मी ज्वाइन कर देश सेवा की इच्छा थी। उनका यह सपना था, जो पूरा हुआ। इसके लिए उन्होंने अपने पिता चंद्रकांत सूद को रोल मॉडल माना।
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- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में ड्यूटी के दौरान फोन पर एक बार बात हुई तो मैंने कहा वहां आतंकी खतरा बहुत है। अनुज ने मेरे सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ड्यूटी का असली मजा तो कश्मीर में ही है। मुझे मलाल रहेगा कि काफी समय से बात नहीं हो पाई और अब कभी हो भी नहीं पाएगी।
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