देश में कई खूबसूरत और कई सौ साल पुरानी इमारतें मौजूद हैं, जो ऐतिहासिक पहचान बनाए हुए हैं। इन्हीं में से एक जगह है ये 425 साल पुरान इमारत, देखिए।
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चार मीनार हैदराबाद
ये है लैंड ऑफ निजाम हैदराबाद की ऐतिहासिक स्मारक चार मीनार। जिसे हैदराबाद शहर को एक ऐतिहासिक पहचान देने के इरादे से पांचवें कुतुबशाही निजाम शासक मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने करीब सवा चार सौ साल पहले 1591 में बनवाया था। बाद में हैदराबाद शहर को विकसित करने के लिये पर्शियन आर्किटेक्ट को भी बुलाया गया था। तभी चारमीनार के आसपास मस्जिद और मदरसा का निर्माण भी किया गया था।
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चार मीनार हैदराबाद
चारमीनार का निर्माण इंडो-इस्लामिक कला के आधार पर किया गया था। चारमीनार के वजह से ही आज हैदराबाद को वैश्विक पहचान मिली है। चारमीनार का क्षेत्र गोलकोंडा बाजार से जुड़ा हुआ है। पुराने हैदराबाद शहर का निर्माण चारमीनार के वजह से ही किया गया था और तभी से हैदराबाद शहर के केंद्र में चारमीनार स्थित है। चार मीनार की चार मीनारों के पास ही शहर बसा हुआ था। चारमीनार के उत्तर में चार कमान और चार द्वार है।
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चार मीनार हैदराबाद
कहा जाता है की चारमीनार की चार मीनारें इस्लाम के पहले चार खलीफो का प्रतिक है। इसका निर्माण करने के बाद मुहम्मद कुली ने वहां अल्लाह से प्रार्थना की थी। मस्जिद चारमीनार के सबसे उपरी मंजिल पर बनी हुई है। चारमीनार में पत्थरों की बालकनी के साथ ही एक छत और दो गैलरी भी है जो छत की तरह दिखाई देती है। चारों मीनारों को एक विशिष्ट रिंग से चिन्हित किया गया है जिसे हम बाहर से देख सकते हैं।
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चार मीनार हैदराबाद
मीनार की मुख्य गैलरी में 45 लोगों के प्रार्थना करने जितनी जगह है। इसकी उपरी मंजिल पर जाने के लिये आपको 149 हवाई सीढ़ियां चढ़ने की जरुरत होगी। सभी मीनारें 149 हवाई सीढ़ियों से अलग की गयी हैं। मीनार की हर तरफ एक बड़ा वक्र बना हुआ है जो 11 मीटर फैला और 20 मीटर ऊंचा है। हर एक वक्र पर एक घड़ी लगी हुई है, जो 1889 में बनायी गयी थी।
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चार मीनार हैदराबाद
लेकिन लैंड ऑफ निजाम हैदराबाद की ऐतिहासिक स्मारक चार मीनार को अब उसके अपने ही कद्रदानों की ‘सेल्फी चाहत’ से खतरा हो गया है। चारमीनार के दीदार को आने वाले सैलानी इसके बालकोनी पर खड़े रहते हैं, जिस वजह से करीब 426 साल पुरानी इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। दूसरा, इस स्मारक के आसपास जबरदस्त वाहन प्रदूषण की वजह से इसकी चमक भी फीकी हो गई है।
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चार मीनार हैदराबाद
मौजूदा हालातों को देखते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग के अफसर खासे चिंतित हैं, जबकि तेलंगाना सरकार भी इस स्मारक के संरक्षण को लेकर इसके आसपास के करीब 200 मीटर के दायरे को नो व्हीकल जोन बनाने की कोशिश में जुट चुकी है। प्रदूषण की वजह से इस स्मारक की बाहरी संरचना में दरारें पड़ने लगी हैं और पलस्तर भी उखड़ने लगा है। स्मारक के काफी हिस्से में कैविटी (छिद्र) दिखने लगे हैं।
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चार मीनार हैदराबाद
हैदराबाद में 28 से 30 नवंबर तक वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। पीएम नरेंद्र मोदी इसमें भागे लेंगे। उम्मीद है कि यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप भी इसमें भाग लेने आ रही है। मगर इससे पहले ही हैदराबाद स्थित भारतीय पुरातत्व विभाग शाखा ने चार मीनार की मरम्मत शुरू करवा दी है। पीआईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर हेमंत चौहान के अनुसार सरकार इस ऐतिहासिक स्मारक के संरक्षण को लेकर बेहद गंभीर है।
उधर, पुरातत्व विभाग हैदराबाद के एक अफसर ने बताया कि चार मीनार की बालकोनियों पर लोगों का जाना प्रतिबंध कर दिया गया है। उनके अनुसार मरम्मत 2018 तक चलेगी, लेकिन इसके आसपास सफाई का काम शुरू करवाया जा रहा है। उनके अनुसार चारमीनार की मरम्मत में चूने, प्लास्टर, रेत, गुड़, पित्त, अंडे और संगमरमर के पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा है और राडार स्कैनिंग से मालूम चला है कि मीनार के भीतर ग्रेनाइट की संरचना फिलहाल ठीक है।