लेडी डॉक्टर यशुमति की मौत के 5 दिन बाद पिता ने मोदी को लिखे पत्र में ऐसे 13 तर्क दिए हैं, जिसमें बेटी की हत्या के साफ संकेत हैं। 5 डाक्टरों पर हत्या का शक है। देखिए, पूरा मामला।
मामला, पंजाब में मोहाली के फेज-1 में इंडस की लेडी डॉक्टर यशुमति की हत्या से जुड़ा है। यशुमति के पिता हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के गांव सेरला खाबू निवासी मोरध्वज शास्त्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में 13 तर्क देते हुए बेटी की हत्या पूरी प्लानिंग से करने का शक जताया है।
शास्त्री ने संदेह जताया कि उनकी बेटी को मारने के पूरे षड्यंत्र में पांच डॉक्टर शामिल हैं। इनसे पूछताछ की जाए, ताकि सारी सच्चाई सामने आ सके। उन्हें संदेह है कि बेटी कोई राज जानती थी, जिसके चक्कर में उसकी हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी से किसी की कोई दुश्मनी नहीं है।
पत्र में दिए तर्क: 1.कमरे का दरवाजा खुला होना व दरवाजे में कोई तोड़फोड़ न होना। 2.जांच के समय पुलिस द्वारा फोरेंसिक टीम को न बुलाना। 3.कमरे में किसी तरह का कोई सुसाइड नोट न मिलना और न ही कोई ऐसा चिन्ह मिलना जिससे लगे कि सुसाइड किया गया है।
4. बार-बार पुलिस को कहने पर भी बेटी की डेड बॉडी न दिखाना। 5. बयान लिखते समय पुलिस का यह कहना कि हमें किसी पर कोई शंका नहीं पोस्टमार्टम करवाकर डेड बॉडी हमें सौंप दें। जब उन्हें गया कहा कि यह वह कैसे कह सकते हैं, तो उल्टा धमकाना। 6. अस्पताल की तरफ से कोई संवेदना नहीं।
7. मौत के तीसरे दिन बेटी का शव दिखाना। 8. मशीन में 24 घंटे रखने पर भी शव के मुंह से खून निकलना। 9. डॉ. प्रतिभा के मुताबिक एनस्थीसिया डॉक्टर का अकेले बेटी के आवास पर रात को जाना। 10. खरड़ के डॉक्टर द्वारा रात को अस्वस्थ हालत में बेटी को घर पर छोड़ना, अस्पताल न ले जाना।
11. शव के दोनों हाथ बंधे होना। 12.अस्पताल ले जाते समय जो वस्त्र बेटी ने पहन रखे थे, उनको रास्ते में बदल देना। 13. बेटी को अस्पताल ले जाने के बाद अस्पताल की दो डॉक्टरों द्वारा आकर सारे सामान को ले जाना। (उपरोक्त तर्क इशारा करते हैं कि उसकी बेटी की हत्या हुई)