फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पल में उजड़ गया परिवार, एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं, मची चीख पुकार

Sun, 25 Jun 2017 11:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
मां की आंखों के सामने उसके चार बच्चे मौत के मुंह में समा गए। चार भाई बहनों की चिताएं एक साथ जलीं तो देखने वालों का कलेजा फट गया, दर्दनाक तस्वीरें।
विज्ञापन

2 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
हादसा हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुआ। दयालपुर में वीरवार को एक सिलेंडर ने चार भाई बहनों की जान ले ली, वहीं मां बाल बाल बच गईं। सिलेंडर में लगी आग में झुलसने से मरे बच्चों में 3 लड़कियां और एक लड़का था। एक लड़की की वीरवार को ही मौत हो गई थी। वहीं बाकी घायलों ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। उसके बाद पूरे दयालपुर में कोहराम मच गया।
विज्ञापन

3 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
ऐसे हुआ था हादसा
दयालपुर निवासी रेशो देवी का पति कुवैत में रहता है। रेशो देवी बच्चों के साथ यहां रहती है। हर रोज की तरह वह सवेरे चाय नाश्ता बनाने के लिए रसोई में गई। उसे सिलेंडर लीक होने की दुर्गंध आई तो वह देखने के लिए आगे बढ़ी ही थी कि उसमें आग लग गई। रेशो देवी ने यह देखते ही सिलेंडर उठाकर रसोई से बाहर फेंक दिया, लेकिन आग भड़क गई।

 

4 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
आग इतनी भड़की कि कमरे को चपेट में ले लिया और वहां सो रहे उसके चारों बच्चे बुरी तरह झुलस गए। चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनकर लोग दौड़े आए। एक युवक ने सिलेंडर उठाकर खेत में फेंक दिया। वहीं बुरी तरह से झुलसी रेशो देवी और उसके बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। शुक्रवार को बाकी तीन बच्चों ने भी दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

5 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेशो देवी का बयान लिया। इस बीच लोगों ने रेशो देवी के पति लच्छुराम को हादसे की सूचना दे दी। उसे अभी तक यही बताया गया है कि पत्नी की हालत ठीक नहीं तो वह जल्दी से घर आ गए। जबकि उसके परिवार वालों को चिंता है कि जब उसे बच्चों की मौत की खबर मिलेगी तो उसका क्या हाल होगा।
विज्ञापन

6 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
रेशो देवी ने बच्चों को बचाने को सिलेंडर बाहर फेंका था
पुलिस को दिए बयान में रेशो देवी ने बताया कि उसने बच्चों को बचाने के लिए ही अपनी जान जोखिम में डाली थी। उसने सिलेंडर उठाकर बाहर फेंक दिया, लेकिन वह खुद झुलस गई थी। पर उसे नहीं पता था कि आग भड़क कर कमरे को चपेट में ले लेगी। रेशो देवी रो रोकर बेहाल है और बार बार यही कह रही है कि अच्छा होता कि वह सिलेंडर बाहर न फेंकती। बच्चे तो बच जाते।

 
विज्ञापन

7 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
एक पुत्र और तीन बेटियों में दो जुड़वां बहनें
हादसे में रेशो देवी की 17 वर्षीया दो जुड़वां बेटियां रीना और मीना की जान चली गई। वहीं छोटी 11 वर्षीया पुत्री रजनी और 13 वर्षीय पुत्र गौरव की भी मौत हो गई। रीना 11वीं कक्षा की छात्रा थी, जबकि उसकी जुड़वा बहन मीना 12वीं में पढ़ती थी। सबसे छोटी रजनी छठी कक्षा और बेटा गौरव सातवीं कक्षा में पढ़ रहे ​थे।
विज्ञापन

8 of 8
एक साथ जलीं 4 भाई-बहनों की चिताएं
एंबुलेंस नहीं आई तो ऑटो में लेकर गए अस्पताल
दयापुर वासी प्रवीण कश्यप ने बताया कि उन्होंने हादसा की खबर देने को एंबुलेंस सेवा पर फोन किया था। दोबारा फोन किया तो पता चला कि एंबुलेंस रवाना हो चुकी है, लेकिन काफी देर तक वह नहीं आया तो लोग रेशो देवी और उसके चारों बच्चों को ऑटो में ही निजी अस्पताल लेकर गए। प्रवीण ने बताया कि सरकारी सुविधाएं बस नाम की हैं, जरूरत पर काम नहीं आती कभी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें