एक दिन पहले एक परिवार के चार सदस्यों पर मारपीट का आरोप लगाने वाले चार पुलिसकर्मी ही फंस गए हैं। एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कर्मियों की करतूत सामने आ गई है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है तो विपक्षी दल से लेकर सामाजिक संगठन तक पुलिस के खिलाफ हो गए हैं। सोमवार को सामाजिक संगठनों के लिए पीड़ित परिवार से मिलने गए।
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पुलिस की बर्बरता
सामाजिक संगठनों ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाई है। वहीं, पीड़ित परिवार की तरफ से पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। इसमें पुलिस वालों पर रिश्वत मांगने से लेकर धमकी देने तक का आरोप लगाया गया है। यह भी आरोप है कि पुलिस वाले ने खुद को पिन मारकर घायल किया फिर पुलिस वालों को बुलाकर ढाया जल्म।
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पुलिस की बर्बरता
जानकारी के अनुसार, रेनू मित्तल नाम की युवती ने पुलिस अधीक्षक को लिखित में शिकायत दी है। रेनू का आरोप है कि उसके भाई कुलदीप के खिलाफ चेक बाउंस का मामला कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में रविवार को एएसआई सतबीर सिंह कोर्ट का समन लेकर आया था। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी उसके पिता सतीश मित्तल ने पुलिस वाले को बताया था कि कुलदीप उनके परिवार के साथ नहीं रहता
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पुलिस की बर्बरता
उनके पिता ने पुलिसकर्मी से कहा था कि वह बेटे को इस बारे में बता देंगे। उन्होंने खुद हस्ताक्षर कर समन लेने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस कर्मी ने पिता से एक हजार रुपये मांगे थे। पिता ने पूछा कि एक हजार किस लिए तो पुलिस कर्मी ने कहा कि चाय-पानी के। पिता ने एक हजार देने से मना किया तो पुलिस कर्मी ने पहले डराया धमकाया फिर गाली गलौच करते हुए कहा कि वह भी जेल जाएगा।
इसके बाद उसने अपने हाथ में पिन मारकर खून घायल कर लिया और सुभाष मंडी पुलिस चौकी के प्रभारी महेंद्र सिंह, पीसीआर चालक हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और पीसीआर प्रभारी हवलदार दीपक को मौके पर बुला लिया। इन पुलिस कर्मियों ने पहले निर्ममता के साथ पिटाई की बाद में उन्हीं पर हमले का केस दर्ज कर दिया।