फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांवड़ लेकर जा रहे हैं तो भूलकर भी न तोड़ें ये नियम वरना शिवजी नाराज हो जाएंगे!

Fri, 21 Jul 2017 10:11 AM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 8
Kanwar Yatra
कांवड़ ले जाते समय कुछ न‌ियम भी जरूरी होते हैं। अगर इन्हें तोड़ा तो श‌िवजी नाराज भी हो सकते हैं। देखिए
विज्ञापन

2 of 8
सावन के मह‌ीने में माना जाता है क‌ि भगवान शिव का जलाभिषेक करने से शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूरा करते हैं। 
विज्ञापन

3 of 8
kanwar yatri - फोटो : अमर उजाला
श‌िवभक्त गंगाजल लाने और उससे शिवलिंग का अभिषेक करवाने तक का यह पूरा सफर पैदल और नंगे पांव करते हैं।

4 of 8
kanwar
कावड़ यात्रा शुरू करते ही कावड़ियों के लिए किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित होता है। यात्रा पूरी होने तक उस व्यक्ति को मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करना होता है।
विज्ञापन

5 of 8
kanwar - फोटो : अमर उजाला
बिना स्नान किए कावड़ को हाथ नहीं लगा सकते, इसलिए स्नान करने के बाद ही कावड़िए अपने कावड़ को छू सकते हैं।
विज्ञापन

6 of 8
kanwar
एक महंत के अनुसार चमड़े की किसी वस्तु का स्पर्श, वाहन का प्रयोग, चारपाई का उपयोग, ये सब कावड़ियों के लिए वर्जित कार्य है। इसके अलावा किसी वृक्ष या पौधे के नीचे भी कावड़ को रखना वर्जित है।
विज्ञापन

7 of 8
कावड़ ले जाने के पूरे रास्ते भर बोल बम और जय शिव-शंकर का उच्चारण करना फलदायी होता है। कावड़ को अपने सिर के ऊपर से लेकर जाना भी वर्जित माना गया है।
विज्ञापन

8 of 8
kanwar yatra - फोटो : फाइल फोटो
इन सभी नियमों का पालन करना जरूरी है और इसके लिए कावड़ियों की संकल्पशक्ति की मजबूती होनी चाह‌िए। कहा जाता है क‌ि जो श‌िवभक्‍त ऐसा नहीं करते हैं उनकी मनोकामना पूरी नहीं होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें