शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि प्रति माह दस रुपये देकर कंस्ट्रक्शन की लेबर व मिस्त्री कितना फायदा उठा सकते हैं।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
अस्पताल में इलाज करवाने, सर्जरी करवाने, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए वजीफे, राज्य से बाहर जाने पर बस किराया तक श्रमिकों को सरकार देती है बशर्ते इस योजना के तहत श्रमिक खुद को रजिस्टर करवाकर रखें।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
तमाम जिलाधीशों को आदेश जारी किए गए हैं कि वे इस योजना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि गरीबों को फायदा मिल सके। इसको लेकर जमीनी स्तर पर जागरूकता मुहिम शुरू करने की योजना तैयार कर ली गई है और अधिक से अधिक श्रमिकों को इस योजना के तहत रजिस्टर करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
यह योजना बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़ी लेबर, मिस्त्री, कारपेंटर, इलेक्ट्रिशियन को मिल रही है लेकिन इसका लाभ लेने वाले काफी कम लोग हैं। योजना के तहत आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और एक फॉर्म भरकर कोई भी 'बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन वर्कर स्कीम' का सदस्य बन सकता है।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
योजना में प्रति माह दस रुपये देने वाले को आईडी कार्ड भी बनाकर दिया जाता है। इसके बाद कंस्ट्रक्शन की लेबर को खुद किसी सांझ केंद्र पर जाकर दस रुपये की राशि हर माह जमा करवानी होगी।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
ये मिलते हैं फायदे
गर्भवती होने पर 5 हजार रुपये की मदद मिलेगी।
शादी पर 51 हजार का चेक मिलेगा।
सर्जरी पर एक लाख का भुगतान सरकार करेगी
संस्कार के लिए 20 हजार रुपये की मदद
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
ये मिलते हैं फायदे
बच्चों की शादी पर बतौर शगुन 51 हजार रुपये की मदद मिलेगी
सूबे से अगर बाहर जाना है तो दो हजार रुपये का बस किराया भी सरकार देगी
दांतों के इलाज के लिए 5 हजार रुपये की मदद।
सुनने वाली मशीन लगवाने के लिए 6 हजार रुपये।
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महीने के दस रुपये और इतने फायदे
ये मिलते हैं फायदे
कैंसर या बाइपास सर्जरी पर एक लाख रुपये की सहायता मिलती है।
बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर 3 हजार से 70 हजार रुपये सालाना तक
अगर कोई बच्चा मानसिक रोग या अपंगता का शिकार है तो सालाना 20 हजार रुपये पेंशन मिलेगी
प्रचार करने की तैयारी
इस योजना का जबरदस्त प्रचार करने की तैयारी चल रही है। लोगों को इस स्कीम के बारे में कम जानकारी है। हम लेबर विभाग के साथ तालमेल कर रहे हैं और उनको इस बारे में कहा गया है। हमारे पास अभी सिर्फ चार हजार लोगों ने ही इसका आवेदन किया है जबकि संख्या लाखों में है।
- राजीव वर्मा, एसडीएम