फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

Thu, 29 Oct 2015 08:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
क्या आप ज्यादा दवाइयां खाते हैं? सावधान हो जाइए, आप एक बड़ी जानलेवा बीमारी को अपने पास बुला रहे हैं। पढ़ लीजिए बड़ा खुलासा। रिपोर्टः आशीष वर्मा
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

2 of 7
बात हो रही है ब्रेन स्ट्रोक की। ब्रेन स्ट्रोक स्पेशलिस्ट व पीजीआई न्यूरोलाजी डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर धीरज खुराना बताते हैं कि ड्रग्स की ओवरडोज के कारण भी ब्रेन स्ट्रोक होता है। चौंक गए न आप यह जानकर, लेकिन सच है।
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

3 of 7
प्रोफेसर खुराना बताते हैं कि ड्रग्स से ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क फैक्टर बढ़ता है। शारीरिक क्षमता बढ़ाने और जोश वर्धक दवाओं का प्रयोग भी घातक साबित हो सकता है। चरस व भांग के लगातार इस्तेमाल से भी ब्रेन स्ट्रोक की संभावना रहती है। इनसे एक एथलीट को ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है।

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

4 of 7
प्रोफेसर खुराना बताते हैं कि पीजीआई की ओपीडी में इस तरह के ब्रेन स्ट्रोक के कई केस देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी देशों की स्टडी में यह साबित भी हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि कुछ युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक की वजह पता नहीं चल पाती। उनमें जेनेटिक कारणों की वजह से ब्रेन स्ट्रोक आता है।
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

5 of 7
प्रोफेसर खुराना बताते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक के पेशेंट पर एक नियम लागू होता है कि जैसे ही स्ट्रोक आए उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं। स्ट्रोक के दौरान हर एक मिनट में ब्रेन के 20 लाख ब्रेन सेल्स नष्ट होते हैं। जितनी देरी होगी, उतना ब्रेन को नुकसान पहुंचेगा।
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

6 of 7
प्रोफेसर खुराना बताते हैं कि एक साल पहले तक माना जाता था कि ब्रेन स्ट्रोक आने के चार घंटे के भीतर मरीज का इलाज शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन अब इलाज की नई तकनीक आ गई है। उसकी मदद से यदि कोई मरीज स्ट्रोक आने के छह घंटे तक भी अस्पताल पहुंचता है तो उसके ब्रेन को बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सावधान! ज्यादा दवाएं खाएंगे, ये जानलेवा बीमारी पास बुलाएंगे

7 of 7
प्रोफेसर खुराना बताते हैं कि जब दिमाग की एक नस में अचानक खून पहुंचना बंद हो जाए तो उसे ब्रेन अटैक कहते हैं। दिमाग की कोशिकाओं के रक्त में से आक्सीजन की लगातार आवश्यकता होती है, जैसे ही रक्त पहुंचना बंद हो जाता है तो मस्तिष्क के प्रभावित हिस्से की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें