पौधों की देखभाल करना देखने में मेहनत का काम लगता है। अगर आपको लगाव हो तो यही काम आनंद और सकून देता है। पौधों की ट्रीमिंग करना बिल्कुल वैसा है, जैसे बच्चे के बालों में कंघी करना।
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मिलिए, डॉ. प्रोमिला से और देखिए उनका गार्डन
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एक-एक बाल को बड़े सलीके से शेप देते हैं, वैसे ही ट्रीमिंग करते समय पौधे की शेप का ध्यान रखो। बगीचे को संवारने का यह मंत्र दे रही हैं रिटायर्ड पीडियाट्रिशियन डॉ. प्रोमिला कक्कड़।
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सेक्टर-16 में कोठी नंबर-198 में उन्होंने अपने गार्डन को बड़ी ही खूबसूरती से सजाया है। वह खुद श्री गंगानगर के एक किसान परिवार से हैं। गांव में भी उनके फार्म हैं।
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चंडीगढ़ में बाल रोग विशेषज्ञ बनकर आईं मगर हरियाली से उनका लगाव कायम रहा।
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डॉ. प्रोमिला के किचन गार्डन में आजकल खूब सब्जियां लगी हैं। इनमें कटहल, करेला, भिंडी, नींबू और पुदीना शामिल है। सब्जियां इतनी ज्यादा आती हैं कि वे अपने जान-पहचान के लोगों में भी इन्हें बांट देती हैं।
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घर में लगे लंबे पाम बाहर से ही खूबसूरत लुक देते हैं। ये पेड़ उन्होंने 1996 में लगाए थे। इनमें वोटल पाम 18 साल में काफी लंबे हो गए हैं। बेहतर लुक के लिए बगीचे में बोटल पाम की कतारें लगा सकते हैं।
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डॉ. प्रोमिला की बेटी नंदिनी को जानवरों से बेहद लगाव है। उन्होंने घर में भेड़ भी पाल रखी है। कई कुत्ते भी हैं।
रुद्राक्ष, अशोक, बॉटल ब्रश, रात की रानी, कोलियस, हिबिस्कस, आम, अमरूद, चीकू, आड़ू, लीची, नीम, क्रिसमस ट्री, कैक्टस, क्रोटन, चांदनी और बोगनविला आदि के प्लांट्स लगाए हैं।