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किसानों के विरोध में उतरे 20 गांव, बैनर फाड़े, लंगर हटवाया, हाथापाई भी हुई, कल ग्रामीणों की पंचायत

Thu, 28 Jan 2021 09:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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किसानों के विरोध में उतरे ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में बवाल व लाल किला पर धार्मिक झंडा फहराए जाने के बाद किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। सोनीपत में नेशनल हाईवे के किनारे के करीब 20 गांवों के लोग भी किसानों के विरोध में उतर गए है। नेशनल हाईवे व संपर्क मार्ग बंद होने से परेशान ग्रामीण गुरुवार को अटेरना गांव में बैठक करने के बाद रोमन कोर्ट रोड पर पहुंचे और वहां संपर्क मार्ग खाली कराने को कहा। किसानों के बैनर फाड़ दिया और ट्रैक्टर व लंगर हटवा दिया। जिसको लेकर किसानों व ग्रामीणों में हाथापाई तक हो गई और वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। 
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रोमन कोर्ट रोड पर ग्रामीणों व किसानों में होती हाथापाई। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किसानों ने गांवों के संपर्क मार्ग तक बंद करके उनको कैद कर दिया है और नशा करके रातभर तेज आवाज में डीजे बजाकर ट्रैक्टरों को गांवों में दौड़ाया जाता है। विरोध करने पर मारपीट तक की जाती है। वहां पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया लेकिन 20 गांवों के लोगों की शुक्रवार को मनौली में पंचायत बुलाई गई है। अटेरना गांव में आसपास के कई गांवों के लोगों की बैठक में कहा गया कि पिछले दो महीने से जीटी रोड को पूरी तरह से बंद किया गया है।
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किसान आंदोलन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
गांवों के संपर्क मार्ग पर भी ट्रैक्टर खड़े कर ग्रामीणों का बाहर निकलना बंद कर दिया गया है। इस तरह से करीब 2500 फैक्टरी व एक हजार दुकान बंद है और यहां गांवों में रहने वाले किसानों को परेशानी हो रही है। आरोप लगाया गया कि किसान आंदोलन में शामिल युवा रातभर नशा कर तेज आवाज में डीजे बजाते हुए गांवों में ट्रैक्टर दौड़ाते है। उनका विरोध करते है तो मारपीट की जाती है। रसोई गांव में कार के शीशे तोड़ने का विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट की गई तो अटेरना गांव में हंगामा करने पर विरोध किया तो उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

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किसान आंदोलन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
आरोप लगाया कि इस तरह से नशे को बढ़ावा दिया जा रहा है और कानून व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ती जा रही है। अटेरना में बैठक के बाद काफी ग्रामीण वाणिज्य केंद्र रोमन कोर्ट रोड पर पहुंचे, जहां किसानों ने सड़कों पर ट्रैक्टर लगाए हुए थे और वहां लंगर चलाया जा रहा था। जिससे कई गांवों का रास्ता बंद हो गया था तो कालोनी के लोग भी घर से बाहर नहीं निकल रहे थे। 
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किसान आंदोलन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
वहां ग्रामीणों ने सबसे पहले किसानों के बैनर फाड़ डाले और उनका लंगर वहां से हटवा दिया। जिसको लेकर हंगामा शुरू हो गया और ग्रामीण व किसान आमने-सामने आ गए। उनके बीच हाथापाई तक हो गई और किसी तरह मामला शांत हुआ तो कुंडली थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों व किसानों को समझाया और वहां सभी को शांति बनाए रखने को कहा। 
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अटेरना गांव में किसानों के खिलाफ बैठक कर रोष जताते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मनौली में 20 गांवों के लोगों की पंचायत होगी
जिस तरह से जीटी रोड व गांवों के संपर्क मार्ग बंद है और लोगों को परेशानी हो रही है। उसको देखते हुए नेशनल हाईवे के किनारे के 20 गांवों के लोगों की पंचायत बुलाई गई है। अटेरना गांव के चरण सिंह ने बताया कि यह पंचायत शुक्रवार को मनौली गांव में होगी, जिसमें अटेरना, सेरसा, कुंडली, जांटी, दहिसरा, भैरा, मनौली, जखौली, मुरथल, बढखालसा, रसोई, प्रीतमपुरा, नांगल, राई के लोग शामिल होंगे। 
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किसान आंदोलन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
इस आंदोलन से पहले कोई परेशानी नहीं थी लेकिन जिस तरह से यहां आतंक मचाया जाता है और रातभर नशे में तेज आवाज में डीजे बजाकर ट्रैक्टर दौड़ाए जाते है। उसका विरोध करने पर लोगों को पीटा जाता है। किसी को गांव से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इस कारण 20 गांवों के लोग विरोध में खड़े हो गए है और सरकार को जल्द से जल्द रास्ते खाली कराने चाहिए। अब पंचायत करके इस पर फैसला लिया जाएगा। वीरेंद्र सिंह, बढखालसा।

किसानों व ग्रामीणों के बीच खींचतान हो गई थी। उनको वहां पहुंचकर शांत कराया और दोनों पक्षों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर पुलिस में शिकायत करने की बात कही गई है। रवि कुमार, एसएचओ कुंडली।
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