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किसानों के समर्थन में उतरे ये दिग्गज, बजरंग पूनिया बोले- राजनीति बाद में करना, पहले किसान के बेटे बनो

Sun, 29 Nov 2020 10:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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बजरंग पूनिया, योगराज सिंह, विनेश फौगाट। - फोटो : अमर उजाला
किसान आंदोलन को लेकर गुरु योगेश्वर दत्त और शिष्य बजरंग पूनिया ने ट्वीट के जरिये अपनी बात रखी। योगेश्वर ने जहां सीएम मनोहर लाल के ट्वीट को रिट्वीट किया। वहीं बजरंग पूनिया लगातार किसानों का समर्थन करते हुए सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि किसानों के इस आंदोलन को फिल्म और खेल जगत की तमाम हस्तियों का साथ मिल रहा है। 
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योगेश्वर दत्त - फोटो : pti
पहलवान विनेश फौगाट ने भी किसानों के समर्थन में ट्वीट किया है। पहलवान एवं भाजपा नेता योगेश्वर दत्त ने ट्वीट किया कि सभी किसान भाई सहयोग करें। राज्य और केंद्र सरकार हर जायज मुद्दों का समाधान करेगी। जबकि उनके शिष्य बजरंग पूनिया ने पहला ट्वीट किया कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। किसानों को मत रोकिये। देश के अन्नदाता को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है।
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बजरंग पूनिया
बल प्रयोग से कभी किसी की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। अपनी पीढ़ियों के भविष्य को बचाने सड़क पर उतरे किसानों की बात सुने सरकार। इसके बाद बजरंग पूनिया ने शनिवार शाम को दूसरा ट्वीट किया कि सबका पेट भरने वाला अन्नदाता अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। सभी उनका साथ दो, उनकी आवाज बनो। राजनीति बाद में कर लेना, पहले किसान के बेटे हैं, किसान के घर जन्म लिया।

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विनेश फोगाट - फोटो : फाइल फोटो
महिला पहलवान विनेश फौगाट ने ट्वीट किया कि जय जवान, जय किसान। इन्हीं के दम पर ही तो है सारा हिंदुस्तान। विनेश ने किसान आंदोलन के साथ होने की बात लिखकर टैग किया है।उधर, पंजाबी गायब बब्बू मान व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह भी सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरने के बीच पहुंचे। जहां बब्बू मान ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और इसलिए किसानों के बीच आया हूं। बब्बू मान ने कहा कि वे हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं और किसानों को एकजुट रहना चाहिए।
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गायक बब्बू मान, योगराज सिंह । - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि पंजाब से नहीं आने वाले किसानों को यहां जरूर आना चाहिए और आंदोलन को सफल बनाना चाहिए। वहीं योगराज सिंह ने कहा कि पंजाब का किसान अनपढ़ नहीं है और सरकार को बातचीत के लिए किसानों के पास आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तीनों कृषि कानून रद्द नहीं करती है तो उसको एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कानून भी बनाना चाहिए। किसान अन्नदाता है और उसको इस तरह से परेशान करना गलत है।
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