फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानवता की मिसाल : भूखे ट्रक चालकों को खुद खाना बनाकर खिला रहे किसान, देखें तस्वीरें

Sun, 29 Nov 2020 04:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 5
रोटी बनाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
किसान आंदोलन में मानवता की मिसाल भी देखने को मिल रही है। जहां किसानों का बैरिकेड तोड़ने के साथ ही पुलिस के साथ झड़प में उग्र रूप दिखाई दे रहा है। वहीं ट्रक चालकों की मदद के लिए खूब दरियादिली दिखा रहे हैं। किसान जहां अपने लिए खाना बना रहे हैं। वहीं भूखे ट्रक चालकों के लिए भी खुद खाना बनाकर खिला रहे हैं।
विज्ञापन

2 of 5
लंगर तैयार करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
नेशनल हाईवे 44 पर सिंघु बॉर्डर के पास ऐसा कई जगह दिखाई दिया, जहां ट्रक चालकों को उन्होंने खाना खिलाया। एनएच 44 पर किसान आंदोलन के कारण अधिकतर ढाबे बंद हो गए हैं और ट्रक जाम में फंसे होने के कारण चालकों को खाना नहीं मिल रहा है। ऐसे ही लुधियाना से ट्रक लेकर चालक पाली कई दिन पहले दिल्ली के लिए चले थे लेकिन वे जाम में फंस गए और वह एक दिन भूखे रहे। जब उनको किसानों ने भूखा देखा तो उनको खाना खिलाया। 
विज्ञापन

3 of 5
लंगर तैयार करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
मोहाली के करमजीत सिंह ने बताया कि वह अपने साथियों के संग मिलकर खाना बनाते हैं और उनके साथ कोई भी खाना खा सकता है। क्योंकि वह किसी को भूखा नहीं रहने देना चाहते हैं। उनको कई ट्रक चालक भूखे दिखाई दिए तो उनको खाना खिलाया और उनके यहां कई ट्रक चालक खाना खाते हैं। इस तरह ही अन्य कई किसानों ने ट्रक चालकों को खाना खिलाना शुरू कर दिया है। 

4 of 5
ताश खेलते किसान। - फोटो : अमर उजाला
खुद ही कढ़ी-चावल और दाल-रोटी बना रहे
किसान केवल खेती ही नहीं करते हैं, बल्कि वह हर काम में पूरी तरह से पारंगत हैं। सिंघु बॉर्डर पर किसान खुद ही खाना बनाते हैं। किसान कढ़ी-चावल से लेकर दाल-रोटी बना रहे हैं तो वे दिन में नमकीन चावल भी बनाते हैं। इसके अलावा पकौड़े, चाय सब कुछ बनाने में किसान पारंगत हैं। जिन किसानों के कपड़े मैले हो गए हैं और उनके पास अन्य कपड़े नहीं बचे हैं, वे दिन में कपड़े धोकर उनको सुखा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ट्रक चालकों को खाना खिलाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
खाली समय में बैठकर किसान एक साथ हुक्का गुड़गुड़ाते हैं और ताश खेलते हैं। इस तरह से किसानों का दिन आराम से बीत रहा है। किसान रणजीत सिंह कहते हैं कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानेगी, तब तक आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें