ताश खेलते किसान।
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खुद ही कढ़ी-चावल और दाल-रोटी बना रहे
किसान केवल खेती ही नहीं करते हैं, बल्कि वह हर काम में पूरी तरह से पारंगत हैं। सिंघु बॉर्डर पर किसान खुद ही खाना बनाते हैं। किसान कढ़ी-चावल से लेकर दाल-रोटी बना रहे हैं तो वे दिन में नमकीन चावल भी बनाते हैं। इसके अलावा पकौड़े, चाय सब कुछ बनाने में किसान पारंगत हैं। जिन किसानों के कपड़े मैले हो गए हैं और उनके पास अन्य कपड़े नहीं बचे हैं, वे दिन में कपड़े धोकर उनको सुखा देते हैं।