फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाने के लाले थे, मां घरों में झाड़ू पोछा लगाती थी, बेटे ने वो खुशी दी आंखें छलकीं

Fri, 14 Apr 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
घर में खाने के लाले थे, मां लोगों के घरों में काम कर करके पेट भरती थी। उसी मां को अब बेटे ने वो तोहफा दिया कि खुशी के मारे उसकी आंखें छलक पड़ीं।
विज्ञापन

2 of 7
इंडियन आइडल के रनरअप रहे खुदाबख्श
बात हो रही है, सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले इंडियन आइडल सेशन-9 के प्रथम रनरअप रहे और मुक्तसर साहिब के निवासी खुदाबख्श का कहना है कि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से कामयाबी आपके कदम चूमती है। खुदा बख्श रविवार को अपने पारिवारिक मित्र प्रवीण मिढ़ा के निवास पर बातचीत कर रहे थे। मुक्तसर जिले के गांव बादल निवासी खुदा बख्श का मिढ़ा परिवार ने स्वागत किया।
विज्ञापन

3 of 7
इंडियन आइडल-9 में सेकेंड रनर अप गायक खुदाबख्श
इस मौके पर अपने अनुभव सांझा करते हुए खुदाबख्श ने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही वह विपरीत परिस्थितियों में इस मुकाम तक पहुंचे हैं। अल्पायु में ही सिर से पिता का साया उठ गया। वह पांच बहनों में अकेले भाई हैं। उन्होंने बताया बचपन से ही गायकी में रुचि रखते थे। गायकी उन्हें विरासत में मिली है। पिता शिया खान ने भी 6 एलबम निकाले थे। दादा गफूर मोहम्मद ने भी गायकी महारत हासिल की थी।

4 of 7
पंजाब में खुदाबख्श का स्वागत
खुदाबख्श ने बताया कि पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई। मां ने दूसरों के घरों में काम किया। मैंने तीसरी क्लास से गाना शुरू कर दिया था। स्कूल में गाता भी था। इसलिए सभी टीचर मुझे बहुत प्यार करते थे। मैंने जॉब के लिए कई बार अप्लाई किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद मेरे दोस्त ने मुझे इंडियन आइडियल की ऑडिशन के बारे में बताया। ऑडिशन मैंने चंडीगढ़ में ही दिया था।
विज्ञापन

5 of 7
खुदाबख्श
खुदाबख्श ने बताया कि चंडीगढ़ में ऑडिशन देने के बाद उन्हें दिल्ली बुलाया गया था। वहां रहने के लिए जगह नहीं थी। वहां जैसे-तैसे कई रातें गुजरी और ऑडिशन देता रहा। इस दौरान जो भी दोस्त बने उन्होंने पनाह दी। ऐसे करते-करते में थिएटर राउंड तक पहुंचा। थिएटर राउंड में मैंने लाइवी न गई गाया...जो लोगों को बहुत पसंद आया। इसके बाद मुझे गोल्डन माइक मिला।
विज्ञापन

6 of 7
खुदाबख्श
खुदाबख्श ने बताया कि बचपन से ही मेरा सपना बॉलीवुड सिंगर बनने का था। मैंने कभी किसी कॉम्पीटिशन में हिस्सा नहीं लिया। इंडियन आइडिल पहला था। पिछले दो-तीन महीने से लाइफ में जो कुछ भी चल रहा है उससे ऐसा लगता है कि मैं सपनों की दुनिया में हूं। जहां मैं रहता हूं, वहां हिन्दी तो कम ही लोग बोलते हैं। ऐसे में हिन्दी गाना सीखना और गाना बहुत मुश्किल था। मेरे पास फोन भी नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
खुदाबख्श
खुदा बख्श की पांच बड़ी बहनें हैं। घर में सभी लोगों की रुचि गाने-बजाने में थी। घर के ऐसे माहौल में खुदा बख्श को भी गाना गाने का जुनून सवार हो गया। बड़ी बहन अफसाना को भी गाने का शौक है, वह अकसर कार्यक्रम किया करती थीं। यहीं कई बार उसे भी गाने का मौका मिला। खाली समय में दोनों भाई-बहन गाने की प्रैक्टिस करते। अफसाना 2013 में वाइस ऑफ पंजाब में टॉप-5 में रह चुकी हैं।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें