ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसीं पर स्वर्ण मंदिर में तलवारें लहराई गईं और खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। देखिए अंदर की तस्वीरें
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श्री अकाल तख्त साहिब पर लगे अलगाववादी नारे
आपरेशन ब्लू स्टार की 33वीं बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास की गई और श्री अखंड साहिब के पाठ को भोग डाला गया। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख कौम के नाम जारी संदेश में कहा कि एकजुट रहो, सचेत रहो। वहीं कुछ सिख जत्थेबंदियों ने तलवारें लहराते हुए अलगाववादी नारे लगाए। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने इस बार किसी अप्रिय घटना रोकने के लिए सेवाएं दी वहीं पूरे शहर को सील कर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां चौकस रहीं।
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श्री अकाल तख्त साहिब पर लगे अलगाववादी नारे
सुबह दस बजे तक सवा लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
श्री हरमंदिर साहिब में सोमवार रात से सुबह दस बजे के बीच करीब सवा लाख श्रद्धालु पहुंचे। पंजाब के हर जिलों से बसें आई वहीं गांवों से ट्रालियों पर श्रद्धालु पहुंचे। लंगर भवन में खास लंगर का इंतजाम था। श्री हरमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाई।
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बैंकों के शटर गिरे, एटीएम में ताले लगे
मंगलवार को श्री हरमंदिर साहिब में पैर रखने की जगह नहीं थी। रात दो बजे से ही लंबी-लंबी लाइनें लग गई थी। श्री हरमंदिर साहिब में जाने वाले पर्यटक या तो होटल, सराय और धर्मशाला में रहे। अमृतसर बंद के चलते रेलवे स्टेशन के आसपास देश-विदेश से आए पर्यटक चाय-पानी से मरहूम रहे वहीं रेलवे स्टेशन के स्टाल बंद रहे। बैंकों में अंदर से ताले लगे रहे या फिर शटर गिरा दिए गए। वहीं एटीएम में भी ताले लग गए थे।
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एडीजीपी रैंक के अधिकारी सिविल कपड़ों में दे रहे थे ड्यूटी
आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर श्री हरमंदिर साहिब के भीतर आईजी और एडीजीपी रैंक के अधिकारी सादे कपड़ों में मौजूद थे, वहीं पंजाब पुलिस के सैकड़ों जवान श्रद्धालु बनकर ड्यूटी निभाते दिखे। श्री हरमंदिर साहिब को जोड़ते हुए सभी रास्तों पर सोमवार रात आठ बजे से स्थायी नाका लगा दिया गया था, वहीं श्री हरमंदिर साहिब के आसपास सभी सराय और होटलों में पुलिस ने सोमवार रात सर्च अभियान भी चलाया जो मंगलवार सुबह पांच बजे तक चला।
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दहशत में बंद रहे बाजार
दल खालसा द्वारा बाजार बंद का पूरा असर दिखा। पिछले 11 साल में पहली बार देखने को मिला है कि शराब के ठेके भी बंद रहे हो। सोमवार को दल खालसा का निकाला गया सशस्त्र रोड मार्च की दहशत ही थी कि रंजीत एवेन्यू की मार्केट में ताला लगा रहा, जबकि इसके पहले सुबह 11-12 बजे तक दुकानें खुल जाया करती थी। इस बार दहशत में बाजार ही नहीं होटलों में भी अंदर से बंद कर लिया गया। करीब 4500 जवान, 150 एसएचओ, 225 एएसआई, 12 एसएसपी और 22 एसपी समेत सीआरपीएफ व पांच जिलों की पुलिस की अमृतसर में तैनाती थी. जिसकी अगुवाई डीजीपी खुद कर रहे थे।
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1984 के बाद पहली बार इतनी पुलिस दिखी
श्री हरमंदिर साहिब के पास कर्मो डयोढ़ी में रहने वाले राकेश शर्मा की उम्र 77 वर्ष है। उनका कहना है कि 1984 के दिनों में ऐसी पुलिस फोर्स दिखी थी इलाके में, उसके बाद इस बार देखी है। हम सभी लोग यही सोचते थे कि यह चौकसी है या फिर पुलिस के लिए खौफ।
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जत्थेदार खुद कौम से निकाले हैं, उनका हुक्मनामा मैं नहीं मानता : जत्थेदार मंड
ब्लू स्टार की बरसी पर श्री अकाल तख्त साहिब से जारी सिख कौम के नाम संदेश को सरबत खालसा के मनोनीत जत्थेदार ध्यान सिंह मंड नहीं मानते। उनका कहना है कि जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को खुद ही सिख कौम से निकाले जा चुके हैं, सिख कौम उन्हें जत्थेदार मानती ही नहीं, इसलिए मैं उनका कोई हुक्म नहीं मानता। श्री अकाल तख्त साहिब से अगर श्री दरबार साहिब का हेड ग्रंथी द्वारा जारी होता तो उन्हें मान्य होता। जत्थेदार वही कहते हैं जो बादल परिवार कहता है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर सिख कौम को सचेत रहने की नसीहत दी वहीं दुनिया में सिख कौम पर होने वाले हमले पर दुख जताते हुए कहा कि एकजुटता से हर जंग जीती जा सकती है चाहे वो धर्म की हो या अभिमान की।