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पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

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पंजाब से सटी करीब 553 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान की सरहद पर एक और घुसपैठ के ठिकाने का पता चला है। पाकिस्तानी तस्कर इसका खुलासा भी कर चुके हैं। देखिए, ये रिपोर्ट। -अनिल कुमार, फिरोजपुर।
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पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

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सरहद पर तैनात कई बीएसएफ कर्मी तस्करों से मिलकर पाक से आने वाली हेरोइन व हथियार भारत में पहुंचाने में मददगार हैं। कई पकड़े गए पाकिस्तानी तस्कर इसका खुलासा भी कर चुके हैं कि वे कई बार सरहद क्रॉस कर भारत में इंडियन तस्करों के पास रह चुके हैं। यही नहीं पुलिस भी कई बीएसएफ कर्मियों को तस्करों का साथ देने के आरोप में पकड़ चुकी है।
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पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

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कई बीएसएफ कर्मियों के तस्करों के साथ संबंध होने के सबूत मिलने पर यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कहीं इन्हीं की मदद के जरिये आतंकी भारत में प्रवेश तो नहीं हुए थे। पठानकोट में हुए आतंकी हमले में आतंकियों के पास भारी मात्रा में असलहा था, ये आतंकी खुद असलहा लेकर सरहद क्रॉस नहीं कर सकते जब तक किसी ने उनकी मदद न की हो।

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पाक का कसूर नाला भी भारत में बहने वाले सतलुज दरिया में आकर गिरता है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक सरहद के साथ बहने वाला दरिया हरिके हेड से लेकर फाजिल्का तक बीएसएफ के लिए मुश्किलें ही खड़ी किए हुए है। पंजाब के बार्डर से पाक के कई गांव सरहद के बिल्कुल नजदीक बसे हैं जैसे गट्टी कलंजर, अक्कू वाला व भिक्की विंड आदि।
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पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

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बार्डर के साथ बसे ग्रामीणों की भाषा पाकिस्तानी लोगों से खूब मिलती जुलती है। इस कारण इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई पाकिस्तान से आकर बार्डर के पास बसे गांव में रहना शुरू कर दे तो पता नहीं चलता है। सर्दियों में दरिया का पानी भी कम होता है। इस कारण तस्करों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा सरकंडों के घने जंगल से तस्कर हेरोइन की तस्करी करने के लिए सरहद तक पहुंच जाते हैं।
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19 अगस्त, 2015 रात करीब सवा नौ बजे छावनी रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति पर शक होने पर उसकी तलाशी लेने और उससे पूछताछ करने पर पता चला कि वो पाकिस्तानी है। उसका नाम सैयद हुसैन (32) वासी ओरंगी टाउन (बुरमी कॉलोनी) जिला कराची, पाकिस्तान था। उसने बताया था कि वे पांच थे। उन्हें उनके लीडर अब्दुल फजल हुसैनीवाला ने बार्डर के पास सतलुज दरिया के जरिये भारतीय सीमा में प्रवेश करवाया था। फजल ने उन्हें कहा था कि तिब्बत के रास्ते चीन में घुसेंगे। ये पांच लोग थे इनमें दो महिलाएं थी।
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सरहद के साथ बसे गांव के लोग भी पाकिस्तानी तस्करों से मिले हैं कई बार पंजाब से सटी सरहद से सुरंगें भी खुदी हुई मिली हैं जिनके जरिये तस्कर भारत आते-जाते रहे हैं। तस्करों का साथ देने के आरोप में बीएसएफ का हवलदार शिंगारा सिंह, गुरप्रीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह, हरप्रताप सिंह व अनिल कुमार पकड़े जा चुके हैं। ये करोड़ों रुपये की हेरोइन पाकिस्तान से भारत में ला चुके हैं। हथियार भी तस्करी कर चुके हैं।
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