करवाचौथ पर महिलाएं तो व्रत रखती ही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा चिड़ियाघर है, जहां खूंखार जानवर भी उपवास रखते हैं। देखिए, पूरा मामला।
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छतबीर जू में लॉयन सफारी
ये एक सच है और ऐसा होता है चंडीगढ़-पटियाला रोड पर स्थित छतबीड़ चिड़ियाघर में। यहां शेर हो या टाइगर या फिर लेपर्ड, शुक्रवार है तो सभी का उपवास होता है। कारण सीधे उनकी हेल्थ से जुड़ा है।
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छतबीर जू में लॉयन सफारी
यहां जानवर छह दिन सुबह शाम की डाइट के बाद शुक्रवार को उपवास पर रहते हैं, जो उन्हें फिट रखता है। ऐसा नहीं है कि शुक्रवार को भोजन न मिलने से वह नाराज होते हों। उ्नका व्यवहार एकदम सामान्य रहता है।
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छतबीर जू में लॉयन सफारी
जू में प्रतिदिन करीब दो सौ किलो मांस की सप्लाई आती है। वह शेर, टाइगर, लेपर्ड और जैकाल के संग लकड़बग्घे को खिलाया जाता है। अकेले शेर और टाइगर के लिए 10-10 किलो मांस आता है।
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छतबीर जू में लॉयन सफारी
छतबीड़ के एक अधिकारी ने बताया चिड़ियाघर में सहारनपुर से रोजाना मांस की सप्लाई की होती है। शुक्रवार को यहां मांस नहीं आता। जिसका सीधा कारण जानवरों का पेट साफ करना रहता है। कई जानवर ऐसे हैं जो दूसरे दिन भी भोजन नहीं करते।
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छतबीर जू में लॉयन सफारी
मांस की अस्पताल में चेकिंग की जाती है। जिस जानवर का मांस छतबीड़ के जानवरों के लिए आता है उसकी एंटी मार्टम रिपोर्ट भी साथ में संलग्न की जाती है। एंटी मार्टम रिपोर्ट यानी जिस जानवर का मांस है वह जानवर मरने के पहले किस हालत में था, उसका स्वास्थ्य कैसा था।
चिड़ियाघर के एक कीपर के अनुसार उनका जानवर कोई हड्डी नहीं खाता या फिर खाने से मुंह फेरता है तो उस स्थिति में दो बातों पर ध्यान दिया जाता है, एक यह कि जानवर बीमार तो नहीं या फिर मांस में गड़बड़ी तो नहीं। खाने के बाद मांस जानवर कैसा स्टूल पास करता है उसकी रिपोर्ट भी बनाकर भेजना अनिवार्य है।