शाम को लापता हुई दो साल की मासूम बच्ची सुबह जिस हाल में मिली, देखकर सभी की रूह कांप गई। तस्वीरें इतनी दर्दनाक हैं कि आप देख नहीं पाओगे।
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तालाब में डूबी दो साल की मासूम बच्ची
घटना हरियाणा के कैथल की है। कलायत के गांव कुराड़ के एक तालाब में डूबने से दो वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा फैल गया। गांव सहित कलायत के प्रशासनिक अधिकारी रात भर उसे ढूंढते रहे। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह पता चला कि उसका शव तालाब की दलदल में फंसा हुआ था।
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तालाब में डूबी दो साल की मासूम बच्ची
मृतक बच्ची के पिता कृष्ण व माता सुखविंद्र कौर ने बताया कि गिल पट्टी के तालाब के पास उनका घर है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे बच्ची स्नेहा तालाब के पास खेल रही थी। उसकी मां उसके लिए बिस्किट लेने के लिए दुकान पर चली गई। वापस आने पर उसे बच्ची वहां नहीं मिली। परिजनों व पड़ोसियों ने बच्ची को हर जगह तलाशा पर उसका पता नहीं लगा।
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तालाब में डूबी दो साल की मासूम बच्ची
इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस व प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही डीएसपी गौतम, थाना प्रभारी ललित मोहन व तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई मौके पर पहुंच गए। मामला जानने के बाद निर्णय लिया गया कि तालाब का पानी निकलवाया जाए। सुबह जब तालाब का पानी कम हुआ तो लोगों ने तालाब में घुस कर देखा तो दलदल में बच्ची का शव फंसा हुआ था।
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तालाब में डूबी दो साल की मासूम बच्ची
बच्ची का शव देखकर चीख पुकार मच गई। लोग यह सोचकर हैरान थे कि 14 घंटे तक घर की दहलीज से कुछ ही दूर बच्ची स्नेहा जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ती रही और किसी को पता भी नहीं चला। सुबह जब बच्ची का शव किनारे पर आया तो लोगों को घटना की जानकारी लगी। मां सुखविंद्र बार-बार एक ही बात कह रही है, लाडली उठ, बिस्कुट खा ले। मैं तेरे लिए बिस्कुट लेकर आई हूं।
सरपंच सतबीर गिल ने बताया कि वर्षों से तालाब ग्रामीणों के लिए समस्या बना है। इसके मद्देनजर ग्राम पंचायत ने कायाकल्प को लेकर कब्जाधारियों को पंचायत राज अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए थे। साथ ही कब्जा हटाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी गई थी। महिलाओं का शिष्टमंडल भी प्रशासनिक अधिकारियों से मिला था। कई माह बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई मदद पंचायत को प्रशासन की तरफ से नहीं मिली।