आरक्षण आंदोलन की आड़ में उपद्रवियों ने सोनीपत, हिसार के हांसी और कैथल में जमकर बवाल किया। सेना की फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई।
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तस्वीरों में जाट आंदोलन: सोनीपत में सेना की फायरिंग, 4 मरे
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आरक्षण आंदोलन की आड़ में उपद्रवियों ने सोमवार को सोनीपत, हिसार के हांसी और कैथल में जमकर बवाल किया। सोनीपत में जीटी रोड पर कब्जा छुड़वाने के लिए सेना को लड़सौली गांव में फायरिंग करनी पड़ी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और 10-11 लोग घायल हुए हैं। जिले के राजुलगढ़ी स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी को फूंक दिया गया। आंदोलन के दौरान गायब हुए एक युवक का शव गोहना में मिला है।
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उधर झज्जर में भी जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई हैं। इनमें से एक की मौत दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में होने की सूचना है। ऐसे में अब तक 24 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि सरकार 16 मौतों की ही पुष्टि कर रही है। हिसार के हांसी में कर्फ्यू के बावजूद लगातार तीसरे दिन जातीय हिंसा के चलते माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस की मौजूदगी में आंदोलकारियों ने एक वाहन शोरूम में आग लगा दी।
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ढाणी पाल में एक युवक को गोली मार दी गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। तनावपूर्ण के हालात के मद्देनजर सैनीपुरा, सिसाय, ढाणी पाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यहां दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं, इसके बाद भी हालात बेकाबू हैं। शाम को हिसार में भी पथराव और फायरिंग हुई। रोहतक शहर में तनावपूर्ण शांति रही, लेकिन महम में एसडीएम की गाड़ी जला दी गई। रोहतक में आंदोलनकारी एमडीयू गेट के आगे डटे हैं और शहर में सेना व पुलिस ने कई बार फ्लैग मार्च किया।
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शाम को अच्छी खबर यह आई कि आरक्षण आंदोलन का अगुवा बना सांपला में पिछले नौ दिन से एनएच-10 पर डटे आंदोलनारियों ने जाम खोल दिया। इससे रोहतक और दिल्ली के बीच यातायात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। सरकार की ओर से जाट आरक्षण दिए जाने का भरोसा देने और कमेटी गठित करने की घोषणा के बाद रविवार रात कुछ जिलों में हालात सुधरने लगे थे, लेकिन उपद्रवी शांत नहीं हुए।
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सोनीपत, हिसार, कैथल में रात भर जगह-जगह बवाल होता रहा। जाट-गैरजाट बिरादरी के लोगों ने एक-दूसरे की दुकानों में आग लगा दी, वाहन जला दिए और घरों में हमले हुए। हिसार के हांसी में दो पक्षों में गोली चल गई और एक युवक गंभीर घायल हो गया। कैथल में गैरजाट बिरादरी के लोगों की करीब एक दर्जन दुकानों को फूंक दिया। दिन में भी दोनों बिरादरी के लोगों के बीच भारी तनाव रहा। कर्फ्यू के बावजूद हिंसा होने से रोष जताने के लिए व्यापारी पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे।
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प्रदेश के अधिकतर जिलों में सोमवार को हालात सुधरते नजर आए, लेकिन रोड यातायात अब भी पूरी तरह बहाल नहीं है। उपद्रव से सर्वाधिक प्रभावित जिलों हिसार,रोहतक, जींद,झज्जर, भिवानी, सोनीपत, पानीपत, फतेहाबाद, कैथल में रोडवेज सेवा पूरी तरह बंद है और रेल आवागमन भी ठप है।
यहां हालात सामान्य- अबांला, महेंद्रगढ़, सिरसा, करनाल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी यहां तेजी से सुधर रहे हालात- जींद, झज्जर, भिवानी, पानीपत, फतेहाबाद यहां अब भी तनाव- हिसार, सोनीपत, कैथल, रोहतक
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हिसार के रामायण में हिसार-दिल्ली हाइवे पर जाम खोल दिया गया है, लेकिन हिसार-दिल्ली ट्रैक पर आंदोलनकारी अभी भी जमे हैं। सोनीपत में जीटी रोड पर सैकड़ों आंदोलनकारियों का कब्जा बरकरार है। दिन में सेना ने इस रोड से जाम खुलवाने के लिए सख्ती की तो उग्र भीड़ सामने हो गई। इसके चलते लड़सौली गांव के पास सेना को गोली चलानी पड़ी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। इनकी पहचान गांव गुम्मड़ निवासी सन्नी और पांच जाटाण निवासी संजीत, पांछी के दिलबाग और शामड़ी निवासी राजेश के रूप में हुई है। प्रदर्शनकारियों को कई बार खदेड़ने के बावजूद वे फिर से रोड पर आ डटे।
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दिल्ली को जलापूर्ति करने वाली मुनक नहर पर सोनपीत जिले में अब भी आंदोलनकारी डटे हैं। पुलिस और सेना ने रविवार को इन लोगों को खदेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन तमाम प्रयास विफल रहे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों जलापूर्ति छोड़ने और बंद करने वाले सिस्टम को नुकसान पहुंचाया है, जिसके जल्दी ही ठीक होने के आसार नहीं है।
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जाट आरक्षण आंदोलन का केंद्र सांपला गांव रहा, जहां गत 14 फरवरी को आरक्षण की मांग को लेकर स्वाभिमान रैली हुई और इसके बाद रोहतक-दिल्ली रोड का जाम कर दिया गया था। यहीं से आंदोलन की शुरुआत हुई और अगले दिन रोहतक, झज्जर और जींद में आंदोलन की आग फैल गई। धीरे-धीरे प्रदेश के सभी जिलों में रोड और रेल ट्रैफिक जाम कर दिया गया। सोमवार शाम सांपला में जाम खोल दिया गया। इससे रोहतक से दिल्ली आने और जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।