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आंखों-देखी: दहशत की वो रात, जब फूंका वित्तमंत्री का घर

Sat, 27 Feb 2016 01:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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बीते शुक्रवार को वो दहशत की रात थी, जब सैकड़ों लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ दौड़े और उनकी कोठी में आग लगा दी। देखिए, आंखों-देखी।
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आंखों-देखी: दहशत की वो रात, जब फूंका वित्तमंत्री का घर

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जिंदगी और मौत के बीच की खौफनाक रात का वह मंजर चार दिन बाद भी भुलाया नहीं जा रहा। आग की लपटों और उपद्रवियों के हाथों में हथियार से खौफजदा परिवार उस रात को याद कर सिहर उठता। 18 फरवरी की शाम पांच बजे जैसे ही सैकड़ों लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की तरफ दौड़े तो पड़ोसी परिवार खौफ खा गया। दरवाजा बंद करके सब छत की ओर भागे। देखा कि उपद्रवियों ने वित्तमंत्री की कोठी में आग लगा दी।
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परिवार और मासूम बच्चों को डर था कि कहीं आग उनके घर में भी न लग जाए इसलिए बचने के लिए बाहर भागे। लेकिन, यहां भी मौत दरवाजे पर खड़ी थी। उपद्रवियों के हाथों में हथियार और लठ देखकर परिवार दहशत में आ गया। मन में एक ही बात थी कि आग की लपटों से उनकी जिंदगी समाप्त होगी या उपद्रवियों के हाथों। मासूमों और परिवार के लोगों ने उपद्रवियों से गुहार लगाई। परिवार वालों ने कहा, वह किराये पर रहते हैं। बच्चों की जान चली जाएगी। कहां जाएंगे?

आंखों-देखी: दहशत की वो रात, जब फूंका वित्तमंत्री का घर

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इसके बाद उपद्रवियों ने वापस जाने का फैसला लिया। हालांकि जाते-जाते इस दहशत का दर्द उनके घर में खड़ी गाड़ियों को तोड़कर दे गए। यह दहशत भरी दास्तां है वित्तमंत्री कै प्टन अभिमन्यु के पड़ोस में रहने वाले मदन भारद्वाज की। वह बगल की कोठी में अपने और भाई के परिवार सहित दो और परिवार के साथ यहां रहते हैं। मदन का शीला बाईपास पर कोचिंग सेंटर है। मदन भारद्वाज सहित कोठी में रहने वाले तीन अन्य परिवार के लोग आग की लपटों से घिरे थे।
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उपद्रवियों ने वित्तमंत्री के घर को एक नहीं बल्कि चार बार आग के हवाले किया। पड़ोसियों ने बताया कि एक बार तो उपद्रवी मकान के आगे के हिस्से को जलाकर बाहर आ गए। इसके बाद चार बार उपद्रवियों ने मकान के अलग अलग हिस्सों में आग लगाई। वित्तमंत्री की दोनों कोठियों में आग लगने के बावजूद पुलिस प्रशासन उसकी सुरक्षा में नहीं दिखाई दिया। यही नहीं पड़ोसियों को भी आग की लपटों से बचाने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।
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उपद्रवियों के चले जाने के बाद आसपास के लोगों ने किसी तरह से आग को बुझाने की कोशिश की। बावजूद आग नहीं बुझी। इसके बाद खुद-ब-खुद आग बुझ गई। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि जाट आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने उनके परिवार के सदस्यों को मारने की साजिश के तहत ही उनका घर जला दिया गया था। उसके बाद उपद्रवी वहां से 3 राइफल और 75 कारतूस लूटकर भाग निकले थे।
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