इस स्कीम का फायदा उठाएं, जिसमें निवेश कम और मुनाफा ज्यादा है। लाखों रुपये कमा सकते हैं, कुल साल बाद करोड़पति बन जाएंगे। एक नौजवान ने इसमें पैसा लगाया और मोटा मुनाफा कमाया, आप भी फायदा उठा सकते हैं।
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खेती में पैसा लगाएं
हरियाणा में अंबाला के नारायणगढ़ के नगला राज पुताना गांव के सुरेंद्र शर्मा किसानों के लिए मिसाल बने हुए हैं। मां को कैंसर की बीमारी का पता लगा तो बेटे ने अपनी पेस्टीसाइड की फैक्टरी को बंद कर दिया। साथ ही कसम खाई कि अब आर्गेनिक खेती ही करेगा और अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करेगा। अब वह 12 एकड़ जमीन पर आर्गेनिक खेती कर प्रति एकड़ सात लाख रुपये सालाना तक कमा रहा है।
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जैविक उत्पादन
नारायणगढ़ के गांव नगला राज पुतान के सुरेंद्र शर्मा पेस्टीसाइड की फैक्टरी चलाते थे। करीब चार साल पहले मां सरोज बाला को कैंसर डिटेक्ट हुआ तो उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने 2014 में पेस्टीसाइड की अपनी फैक्टरी बंद कर दी और आर्गेनिक खेती के लिए पॉलिहाउस लगाया। पॉलिहाउस में सब्जियों की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ। उन्हें सीएम मनोहर लाल की ओर से 51 हजार रुपये का पुरस्कार देकर भी सम्मानित किया गया।
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जैविक उत्पादन
सुरेंद्र शर्मा के अनुसार वह खीरा, शिमला मिर्च (रेड और येलो), हबीब मिर्च व अन्य सब्जियों का आर्गेनिक तरीके से उत्पादन करते हैं, जिससे उन्हें एक साल में एक एकड़ से लगभग 6 से 7 लाख रुपये का मुनाफा हो रहा है। एक एकड़ जमीन से 400 क्विंटल खीरा, 400 क्विंटल शिमला मिर्च, 1200 क्विंटल के लगभग हबीब मिर्च हो जाती है। साथ ही टमाटर, तोरी व अन्य सीजन की सब्जियों का उत्पादन भी बड़े स्तर पर करते हैं, जिससे अच्छा मुनाफा होता है।
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जैविक उत्पादन
खाद भी करते हैं स्वयं तैयार
सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करते। खेत में स्वयं की तैयार की गई जैविक खाद डालते हैं। कुछ आर्गेनिक दवाइयां वह कंपनियों से खरीदते हैं।
सुरेंद्र शर्मा द्वारा जैविक खेती का प्रयास बहुत ही सराहनीय है और इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। जैविक खेती को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है। - डा. हवा सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, अंबाला