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ओलंपिक खेलना था, सरकारी नौकरी भी मिल गई थी कि हुआ कुछ ऐसा, जान चली गई

Sun, 06 Aug 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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Hockey Player Jyoti
ओलंपिक खेलने की तैयारी कर रही थी, सरकारी नौकरी भी मिल गई थी। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हो गया कि इंटरनेशनल प्लेयर की जान चली गई। जानिए क्या मामला है...
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International hockey players Jyoti
भारतीय महिला हॉकी टीम की सेंटर फॉरवर्ड ज्योति की मौत हो गई। उसका शव रेवाड़ी में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। पुलिस को लगता है कि ज्योति ने सुसाइड की, लेकिन परिजनों का कहना है कि वह ऐसा नहीं कर सकती। उसके कोच अनिल का भी दावा है कि वह जान नहीं दे सकती। ज्योति की मौत का राज अब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चलेगा। जीआरपी अब इसी दिशा में जांच कर रही है। कॉल डिटेल आने के बाद जीआरपी को ज्योति की मौत की सच्चाई का पता लगने की पूरी उम्मीद है। 
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hockey player jyoti gupta
बुधवार रात सोनीपत निवासी एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ज्योति की रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन पर चंडीगढ़-जयपुर ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। ट्रेन के चालक बिक्रम गुप्ता के बयान के आधार पर जीआरपी ने इसमें आत्महत्या का मामला दर्ज किया था।

विक्रम ने बयान में बताया था कि एक लड़की ओवरब्रिज के नीचे दूर से खड़ी दिखाई दी थी। इसके लिए ट्रेन का हॉर्न भी बजाया गया। एक बार तो वह पीछे हटी लेकिन बाद में उसने अपनी गर्दन ट्रेन के नीचे दे दी। 
 

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hockey player jyoti gupta
जीआरपी थाना प्रभारी रणबीर सिंह के मुताबिक ज्योति की मां ने बताया है कि बुधवार शाम साढ़े पांच बजे ज्योति को फोन किया तो उसने बताया कि वह रोहतक में है। ऐसे में इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर ज्योति ने अपनी मां से झूठ क्यों बोला।

पुलिस इस बात को देख रही है कि जब ज्योति घर से अपनी बीए की मार्कशीट में करेक्शन कराने की बात कहकर निकली थी, लेकिन उसके बैग में कोई मार्कशीट ही नहीं मिली। ऐसे में सवाल उठता है कि कि वह मार्कशीट लेकर भी आई थी या नहीं। 
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अनिल कुमार-हॉकी कोच
बता दें कि सोनीपत के कालूपुर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ज्योति का लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक खेलना था। इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत भी कर रही थी। टीम इंडिया की सेंटर फॉरवर्ड ज्योति की ओलंपिक की राह भी आसान हो गई थी। उसे 14 अगस्त को बंगलूरू में इंडिया कैंप में भाग लेने जाना था। लेकिन इस लक्ष्य को पाने से पहले ही रेवाड़ी में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। 
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ज्योति के परिजन
भारतीय हॉकी टीम की कप्तान और ज्योति की कोच रही अर्जुन अवार्डी प्रीतम सिवाच के मुताबिक, ज्योति खुद कहती थी कि वह इसलिए ज्यादा प्रैक्टिस करती है, क्योंकि वह ओलंपिक जाने वाली भारतीय टीम में खेलना चाहती है। ज्योति टीम में सेंटर फारवर्ड पर खेलती थी। उस जगह पर हर कोई बेहतर नहीं खेल पाता है, लेकिन ज्योति ने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया। वह बेहतरीन खिलाड़ी थी।  
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हॉकी प्लेयर ज्योति
हम मृतका के फोन की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं। जिन लोगों को ज्योति ने उस दिन फोन किए और क्या बात की वह सभी को बुलाकर पता कराया जाएगा। कॉल डिटेल आने के बाद ही पूरी सच्चाई का पता लग सकेगा। 
- रणबीर सिंह, एसएचओ, जीआरपी
 
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