फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहरीले सांपों को पकड़ना इनके लिए बच्चों का खेल, नाम है SNAKE MAN

Sun, 11 Sep 2016 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
हम आपको मिलाते हैं एक ऐसे शख्स से। जहरीले सांपों को पकड़ना इतने लिए बच्चों के खेल जैसा है। अब तक हजारों सांप पकड़ चुका है। तस्वीरें।
विज्ञापन

2 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा के करनाल के गांव फफड़ाना के रहने वाले सतीश कुमार की। सतीश की जिंदगी एक सांप ने पूरी तरह से बदल दी। दरअसल सतीश जब सातवीं कक्षा में था तो उसे सांप ने काट लिया। इलाज से सतीश की जान तो बच गई लेकिन तब से उसके मन में सांपों को जानने की इच्छा बढ़ी।
विज्ञापन

3 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
इसके बाद सतीश ने सांपों से संबंधित किताबें पढ़ीं, विशेषज्ञों से मिले और सांपों को पकड़ना शुरू कर दिया। सतीश सांप पकड़ने और उनसे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए स्नेक पार्क चेन्नई में प्रशिक्षण ले चुके हैं। इसके साथ-साथ पुणे, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी सांपों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लिया है।

4 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
स्नेक मैन सतीश 1998 से लेकर अब तक हरियाणा में पाई जाने वाली सभी प्रजातियां की सांपों समेत 9 हजार के करीब सांप पकड़ चुका है। बकौल सतीश वह प्रदेशभर में सांप पकड़ने के लिए जाता है और सांप पकड़ने के बाद वाइल्डलाइफ अधिकारियों की सहायता से उन्हें जंगल में छोड़ देता है।
विज्ञापन

5 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
लोगों तक पहुंचने के लिए सतीश ने रोचक तरीका अपनाया। उसने करनाल और पानीपत की हर नाई की दुकान पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर पोस्टर लगा रखा है। कोई भी उसे फोन कर उसकी सेवाए मुफ्त में ले सकता है। अभी हाल ही में स्नेक मैन सतीश को सांप पकड़ने ‌के लिए स्पेशल ग्लब्स दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
स्नेक मैन सतीश कुमार - फोटो : फाइल फोटो
सतीश के मुताबिक उसने सांप पकड़ने के लिए पुणे से विशेष ट्रेनिंग भी ली है। अमेरिका से सांप पकड़ने के लिए विशेष दस्ताने भी मंगवाए हुए हैं। सतीश अब तक करीब 10 हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुका है। जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान में पिछले 17 सालों से यह सेवा कार्य जारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें