रेलवे सुरक्षा बल की सुस्ती के चलते चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आईटीबीपी कर्मियों ने जमकर रेलवे प्रोटेक्शन एक्ट की धज्जियां उड़ाई।
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देखें, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस ने कैसे सरेआम तोड़े रेलवे के नियम?
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करीब 200 कर्मियों ने लगभग आधे घंटे तक प्लेटफॉर्म नंबर एक से प्लेटफार्म नंबर दो पर जाने के लिए ब्रिज के बजाय रेलवे लाइन को ही रास्ता बना लिया। वह भी आर्म्स और अपने साजो समान के साथ।
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सवाल यह है कि उस समय आरपीएफ के कर्मी कहां थे। आरपीएफ कर्मी इस दौरान नहीं दिखे और कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटाई। आईटीबीपी के जवान चंडीगढ़ स्टेशन पर ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, ऐसे में वह यूपी में होने वाले ग्राम पंचायत प्रधान चुनाव में क्या नियमों का पालन करेंगे। यह तो उनके इस रवैये से ही पता चल जाता है।
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बता दें कि ये कर्मी चुनाव ड्यूटी के लिए ऊंचाहार एक्सप्रेस से यूपी के लिए शाम लगभग 4:30 बजे सोमवार को रवाना हुए। इससे पहले ये कर्मी लगभग तीन बजे स्टेशन पर पहुंचे। इसके बाद से इनकी आवाजाही शुरू हो गई थी।
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यूपी में ग्राम पंचायत प्रधान चुनावों की ड्यूटी के लिए जाने को जब आईटीबीपी कर्मी स्टेशन पर पहुंचे तो नियमों का पालन करने वाले खुद ही नियम भूल गए। जवानों को जैसे ही प्लाटून कमांडर का आदेश मिला, उन्होंने बीना कुछ सोचे समझे रेलवे लाइन को ही प्लेटफॉर्म तक जाने का मार्ग बना लिया।
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ध्यान देने वाली बात है कि प्लाटून कमांडर ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि आधे कर्मी प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंच चुके थे। इसके बाद आरपीएफ को पता चला कि आईटीबीपी कर्मी रेलवे ट्रैक के रास्ते से दूसरी ओर जा रहे हैं।
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सूचना मिलते ही आईटीबीपी कर्मियों को रेलवे लाइन क्रास करने से मना किया गया। नियम तो उन्होंने तोड़ा है। इसकी शिकायत उनके विभाग के एमसीओ ऑफिस में की जाएगी। -जीएस बडै़च, आरपीएफ एसएचओ, रेलवे स्टेशन चंडीगढ़।