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ओलंपिक में अब 'सुल्तान' से आस, आज पेश करेंगे 'हरियाणवी' चुनौती

Tue, 16 Aug 2016 08:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
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रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान हरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
बॉक्सिंग में भारतीय चुनौती खत्म होने के बाद अब सारा दारोमदार कुश्ती पर आ टिका है। आज रियो में केवल एक भारतीय 'सुल्तान' चुनौती देगा।
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रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान हरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के झज्जर जिले के भारतीय पहलवान हरदीप सिंह पुरुष ग्रीको रोमन 98 किग्रा भार वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारतीय समयानुसार हरदीप का मुकाबला शाम 6.30 बजे होगा। हरदीप सिंह ने ओलिम्पिक में ग्रीको-रोमन वर्ग में जगह बनाकर इतिहास रचा है। बारह वर्षों में यह स्‍थान हासिल करने वाले वे पहले भारतीय पहलवान हैं।
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रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान हरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
भारत के कजाकिस्‍तान के अस्‍ताना में एशियाई ओलिम्पिक क्‍वालिफाइंग चैम्‍प‍यनशिप में 98 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में पहुंचने के कारण हरदीप को रजत पदक जीतने से पहले ही रियो ओलिम्पिक्स के लिए जगह मिल गई थी। नरसिंह यादव ने गत वर्ष विश्व चैंपियनशिप में 74 किग्रा प्री स्टाइल वर्ग में देश को कोटा दिलाया था।

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रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान हरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
ओलंपिक में पहलवान हरदीप सिंह और भारतीय दल के पदक जीतने के लिए झज्जर गुरुकुल में हवन यज्ञ कर दुआएं मांगीं गई। यज्ञ प्रक्रिया में हरदीप के पिता दिलबाग ने यज्ञमान की भूमिका निभाई। सत्यवीर ने बताया कि पहलवान का परिवार गत दस दिनों से ओलंपिक में मेडल जीतने की दुआएं मांग रहा है।
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रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान हरदीप सिंह - फोटो : फाइल फोटो
हरदीप सिंह बताते हैं कि वे रियो में खेल रहे हैं, इसके पीछे उनके पिता की मेहनत है। एक हादसे में उनके पिता एक टांग गंवा बैठे। वे काम नहीं कर सकते थे। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदार उनके ऊपर आ गई। बहन की शादी करनी ​थी। लेकिन पिता ने उनके सपनों को मरने नहीं दिया, बल्कि प्रोत्साहित किया और उन्हीं के विश्वास के साथ ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं।

 
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