19 साल की उम्र में एशियन गेम्स में पहली बार खेलते हुए लक्ष्य श्योराण ने वो इतिहास रच दिया कि पहलवान पिता सोमबीर की आंखें छलक गई। बेटे पर नाज करते हुए वे बोले...
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लक्ष्य के भाई गौरव व पिता सोमबीर पहलवान
उनको अपने बेटे पर गर्व था कि वह देश को इस चैंपियनशिप से खाली हाथ नहीं लौटने देगा। लक्ष्य में इंटरनैशनल स्तर पर भी दर्जनों पदक देश के लिए हासिल किए हैं। वहीं उनकी माता प्रोमिला देवी ने कहा कि लक्ष्य के लिए और देश के लिए पदक सिल्वर हो सकता है। उनके लिए यह पदक गोल्ड से कम नहीं है। लक्ष्य देश के लिए भविष्य में गोल्ड जरूर लेकर आएगा। उनको अपने बेटे पर गर्व है।
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जीत की खुशी मनाता हुआ लक्ष्य का परिवार
लक्ष्य श्योराण 43/50 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे और भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। शूटिंग में देश के लिए 19 वर्ष की आयु में लक्ष्य ने सबसे पहला पदक जीता है। लक्ष्य की इस जीत से परिवार समेत जींद में खुशी का माहौल है। लक्ष्य के मुकाबले को देखने के लिए सुबह से ही परिवार वाले टीवी पर टकटकी लगाए देख रहे थे। लक्ष्य के हर मुकाबले को परिवार वालों को देश के लिए किसी न किसी पदक के रूप में ही देख रहे थे।
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लक्ष्य श्योराण
लक्ष्य के पदक की जीत की सूचना आसपास के लोगों को मिलते ही लक्ष्य के घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। देश के लिए मिले इस पदक की खुशी में घर का माहौल बदलकर एक पार्टी समारोह का माहौल बन गया। इस पर लक्ष्य के पिता ने कहा कि दादी शाबकौर ने कहा कि मेरा पोता इसी तरह से निशाने लगाता रहे बस देश में फिर किसी पदक की कमी नहीं रहेगी। दादा हरिराम ने कहा कि पोते की इस जीत के लिए उनके पास शब्द नहीं है।
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Lakshay Sheoran
लक्ष्य श्योरण ने 2014 में शूटिंग की शुरूआत की थी। 2015 में कुवैत में हुई एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता था। इसके बाद 13वीं अंराष्ट्रीय प्रतियोगिता इटली में सिल्वर, थाइलेंड में हुई सातवीं इंटरनेशन जूनियर कप प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीता। 2016 में वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता। जुलाई 2017 में जर्मनी में हुई इंटरनेशन कप प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। फिनलेंड में 2017 में हुई नौंवी जूनियर कप प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीता।
इसी साल मार्च में सिडनी में हुए जूनियर वल्र्ड कप में भी लक्ष्य में कांस्य पदक जीता है। लक्ष्य कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुका है। लक्ष्य के पिता सोमबीर पहलवान अपनी दुपहिया वाहनों की एजेंसी चलाते हैं और वे भारत कुमार रह चुके हैं।